
बिहार एमएलसी उपचुनाव: बिहार की सियासत में एक बार फिर चुनावी गहमा-गहमी बढ़ने वाली है। भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान परिषद की विधानसभा कोटे से रिक्त एक सीट पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। यह सीट पूर्व मंत्री मंगल पांडेय के विधायक बनने के बाद खाली हुई थी, जिस पर अब 12 मई को वोटिंग होगी।
निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह बिहार एमएलसी उपचुनाव राज्य की राजनीति में अपनी अहमियत रखता है, क्योंकि इसका परिणाम शेष कार्यकाल के लिए विधान परिषद में प्रतिनिधित्व तय करेगा।
उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम और नामांकन प्रक्रिया
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस उपचुनाव के लिए अधिसूचना 23 अप्रैल को जारी की जाएगी, जिसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। प्रत्याशी 30 अप्रैल तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 2 मई को होगी, जबकि उम्मीदवार 4 मई तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 12 मई को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। उसी दिन शाम 5 बजे से मतों की गिनती शुरू हो जाएगी और परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह विधान परिषद सीट 16 नवंबर 2025 से रिक्त मानी गई थी, जब मंगल पांडेय ने विधायक चुने जाने के बाद अपनी विधान परिषद सदस्यता छोड़ी थी। उनका कार्यकाल 2030 तक निर्धारित था।
सियासी समीकरण और संभावित दावेदार
राजनीतिक हलकों में इस विधान परिषद सीट को लेकर संभावित उम्मीदवारों पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। विधानसभा कोटे की इस सीट पर मतदान का गणित सत्ताधारी गठबंधन के पक्ष में मजबूत दिख रहा है। बिहार विधानसभा में एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण इस सीट के उसके खाते में जाने की प्रबल संभावना है। चूंकि यह सीट पहले भाजपा के पास थी, इसलिए पार्टी एक बार फिर अपना उम्मीदवार उतार सकती है।
इस बिहार एमएलसी उपचुनाव के बीच विपक्ष की रणनीति पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं। महागठबंधन इस सीट पर अपना उम्मीदवार उतारेगा या नहीं, यह चुनावी प्रक्रिया के दौरान साफ होगा। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि संख्या बल के लिहाज से यह मुकाबला एकतरफा दिख रहा है, लेकिन प्रत्याशी चयन को लेकर अभी भी दिलचस्पी बनी हुई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
गौरतलब है कि 12 मई को ही बिहार विधान परिषद की भोजपुर-बक्सर स्थानीय निकाय सीट पर भी उपचुनाव होना है। वह सीट जदयू के राधाचरण साह के विधायक बनने के बाद खाली हुई थी। इस तरह एक ही दिन दो विधान परिषद सीटों पर मतदान होने से बिहार का राजनीतिक माहौल और अधिक सक्रिय होने की संभावना है।







