Bihar Monsoon News: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिहार के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है। विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब बिहार की दहलीज तक पहुंच चुका है और अगले 24 से 48 घंटों में राज्य में दस्तक दे सकता है। इससे भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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बिहार में कब पहुंचेगा मानसून? जानें पूरी जानकारी
आईएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक, मानसून की बंगाल की खाड़ी वाली शाखा अब पूरे पूर्वोत्तर भारत को कवर करते हुए सिक्किम और हिमालयी पश्चिम बंगाल तक पहुंच चुकी है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि मानसून के पूर्वी बिहार और पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 11 जून के आसपास बिहार में व्यापक बारिश देखने को मिल सकती है, जो मानसून के आगमन का संकेत होगा।
वर्तमान में, मानसून की उत्तरी सीमा हरनई, सोलापुर, कालाबुरगी, नंदीयाल, चेन्नई और सिलीगुड़ी जैसे क्षेत्रों से होकर गुजर रही है। आगामी 4-5 दिनों में इसके महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है। यह खबर उन क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जहां लोग बेसब्री से बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
देश के अन्य राज्यों में मौसम का हाल: IMD का पूर्वानुमान
मॉनसून की सक्रियता को देखते हुए IMD ने इस सप्ताह, यानी 9 से 15 जून तक, पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में इस अवधि के दौरान व्यापक वर्षा होने का अनुमान है, जिसके कुछ हिस्सों में 7-20 सेमी तक बारिश हो सकती है। इसके अलावा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भी पूरे सप्ताह झमाझम बारिश की संभावना है।
गंगीय पश्चिम बंगाल में 10-12 जून, ओडिशा में 11-12 जून, और Jharkhand Monsoon News के अनुसार झारखंड में 12-13 जून को व्यापक बारिश होने का अनुमान है। दक्षिणी राज्यों में, केरल, तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में 9 से 15 जून तक भारी बारिश हो सकती है। वहीं, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी इसी अवधि के दौरान विभिन्न स्थानों पर बारिश की संभावना जताई गई है। आंतरिक कर्नाटक में 9-12 जून के बीच व्यापक वर्षा के आसार हैं।
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उत्तर भारत में लू का प्रकोप और पश्चिमी विक्षोभ का असर
एक ओर जहाँ मानसून दक्षिण और पूर्वी भारत की ओर बढ़ रहा है, वहीं उत्तर भारत के कई राज्य अभी भी भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। पिछले 24 घंटों में राजस्थान के श्रीगंगानगर में देश का सर्वाधिक तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 9 से 11 जून के दौरान लू चलने की चेतावनी जारी की गई है, जहाँ तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
हालांकि, एक नया पश्चिमी विक्षोभ 11 जून से सक्रिय होने जा रहा है, जिससे उत्तर-पश्चिमी भारत में मौसम में बदलाव आएगा। 11 और 12 जून को इस क्षेत्र में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश, ओलावृष्टि और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है। उत्तराखंड में 9 से 15 जून तक, जबकि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 11-12 जून को व्यापक बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।
दिल्ली और मैदानी इलाकों में भी इस पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखेगा। उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 9 से 15 जून के दौरान बारिश के आसार हैं। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 11 से 15 जून के बीच गरज के साथ छींटे, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी 9 से 15 जून के दौरान बारिश की संभावना है।
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मौसम विभाग ने बताया कि दिल्ली में अगले दो दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। लेकिन 11 जून की शाम से मौसम में बदलाव आ सकता है, जब धूल भरी आंधी और गरज के साथ हल्की बारिश लोगों को गर्मी से राहत दिला सकती है। यह बदलाव उत्तर भारत में तापमान को नीचे लाने में सहायक होगा और लोगों को भीषण गर्मी से कुछ respite मिलेगा।






