Bihar Monsoon News: देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने केरल के तट पर दस्तक दे दी है, जिससे पूरे देश में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए 18 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका व्यक्त की गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
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देशभर में मॉनसून का आगमन: कहाँ-कहाँ पहुंचा और क्या है IMD का पूर्वानुमान?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मॉनसून ने केरल में अपनी औपचारिक शुरुआत कर दी है और अब यह तेजी से देश के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ रहा है। अगले दो से तीन दिनों के भीतर, मॉनसून कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है। साथ ही, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी इसकी सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। विभाग ने इस दौरान कई स्थानों पर 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनसून की यह सक्रियता कृषि क्षेत्र के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन इसके साथ ही प्राकृतिक आपदाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। प्रशासन ने सभी संबंधित राज्यों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से अलर्ट रहने की सलाह दी गई है।
अलग-अलग राज्यों में मौसम का दोहरा असर: बारिश, आंधी और लू की स्थिति
दक्षिण भारत में मॉनसून का प्रभाव सबसे पहले दिखना शुरू हो गया है। केरल और कर्नाटक में आगामी सात दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। तमिलनाडु के कई क्षेत्रों में भी तेज बारिश हो सकती है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। इन राज्यों में जलभराव और सामान्य जनजीवन पर असर पड़ने की आशंका है।
पूर्वोत्तर भारत में भी मॉनसून पूरी तरह सक्रिय है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड समेत अन्य पहाड़ी राज्यों में अगले पांच से छह दिनों तक लगातार बारिश का पूर्वानुमान है। इन क्षेत्रों में भूस्खलन और जलभराव जैसी समस्याओं के प्रति स्थानीय प्रशासन को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है।
उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भी अगले दो से तीन दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। हालांकि, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में अभी भी लू जैसी स्थिति बने रहने की संभावना है, जो मौसम के दोहरे मिजाज को दर्शाती है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को दिनभर बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में तापमान सामान्य से एक से दो डिग्री सेल्सियस कम रहने का अनुमान जताया है।
उत्तर प्रदेश में भी मौसम में तेजी से बदलाव आ रहा है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, गाजियाबाद, नोएडा, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, अयोध्या और बस्ती सहित अनेक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं और बारिश का प्रभाव अधिक रहने की संभावना है। Uttar Pradesh Weather Alert: पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले दिनों में लू चलने की चेतावनी भी जारी की गई है, जो किसानों और आम जनता के लिए चिंता का विषय है।
बिहार में भी मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। बांका, जमुई, मुंगेर और भागलपुर जिलों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
राजस्थान के जयपुर, अलवर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर सहित कई जिलों में आंधी और बारिश की संभावना है। यहां तेज हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे धूल भरी आंधियां भी चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट है, कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में खराब मौसम को लेकर मछुआरों को 9 जून तक समुद्र में न जाने की चेतावनी दी है। यह चेतावनी उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जारी की गई है। किसानों के लिए यह मॉनसून जहाँ राहत ला सकता है, वहीं संबंधित विभागों को जल प्रबंधन और आपदा नियंत्रण के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है।
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