back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 12, 2026
spot_img

Bihar Land News: अब नहीं चलेगी मनमानी! दाखिल-खारिज लटकाने पर अफसरों पर होगी सख्त कार्रवाई, 14 दिनों में नहीं हुआ यह काम तो नपेंगे

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Bihar Land News: बिहार में बिना किसी ठोस आधार के दाखिल-खारिज (Mutation) के आवेदनों को बेवजह रोक कर रखना अब अंचलाधिकारियों को महंगा पड़ेगा। उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बीते शनिवार को स्पष्ट चेतावनी दी कि दाखिल-खारिज के मामले को बिना वजह लटका कर रखना गंभीर अपराध की श्रेणी में आएगा। दोषी अंचलाधिकारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

- Advertisement -

दाखिल-खारिज समय पर न होने से प्रदेश के लाखों रैयतों का भू-अभिलेख अद्यतन नहीं हो पाता। इसका सीधा असर उन्हें मिलने वाली सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण और अन्य वैधानिक सुविधाओं पर पड़ता है, जिससे वे वंचित रह जाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह समस्या लंबे समय से चली आ रही थी, जिस पर अब सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है।

- Advertisement -

Bihar Land News: बेवजह देरी पर डिप्टी सीएम ने दी चेतावनी

इस गंभीर मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने निर्देश दिया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि दाखिल-खारिज के आवेदनों का निपटारा बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप ही हो। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि आम-खास सूचना जारी होने के बाद 14 दिनों की निर्धारित अवधि में कोई वैध आपत्ति प्राप्त नहीं होती है, तो अंचलाधिकारी को बिना किसी सुनवाई के तत्काल आदेश पारित करना चाहिए।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Patna News: ‘कला संवाद’ त्रैमासिक का होगा नियमित पब्लिकेशन, मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने बताया -बिहार की कलात्मक धरोहर को समर्पित एक नया अध्याय

हालांकि, जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। कई मामलों में अंचल स्तर पर अधिकारी स्वयं ही बिना किसी आधार के स्वतः आपत्ति दर्ज कर देते हैं और मामले को अनावश्यक रूप से सुनवाई में डाल दिया जाता है। यह बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम के नियमों का सरासर उल्लंघन है। विभाग का मानना है कि ऐसे कृत्य से नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

मनमानी करने वाले अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सरकारी खाता या खेसरा से संबंधित भूमि के मामलों में ही संतुष्टि के आधार पर स्वतः आपत्ति दर्ज की जा सकती है। अन्य मामलों में बिना किसी ठोस कारण के स्वतः आपत्ति दर्ज करना स्पष्ट रूप से कदाचार की श्रेणी में आएगा। इसके अलावा, यदि कोई असामाजिक तत्व बिना किसी आधार या वैधानिक हित के आपत्ति दर्ज करता है, तो उनके विरुद्ध भी विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

विभाग का यह कदम रैयतों को उनके भूमि संबंधी अधिकारों को समय पर प्राप्त करने में मदद करेगा और साथ ही भू-अभिलेख अद्यतन प्रक्रिया को भी सुगम बनाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

राजस्व विभाग की यह पहल बिहार में भूमि प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब यह देखना होगा कि इस निर्देश का जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी क्रियान्वयन हो पाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

टी20 वर्ल्ड कप में श्रीलंका का तूफान: ओमान को रौंदकर दिया ऑस्ट्रेलिया को संदेश

T20 World Cup: क्रिकेट प्रेमियों, तैयार हो जाइए रोमांच के एक नए अध्याय के...

सरकारी नौकरी का सुनहरा अवसर: UPSC IES ISS Recruitment के लिए आवेदन शुरू, जानें पूरी प्रक्रिया

UPSC IES ISS Recruitment UPSC IES ISS Recruitment: केंद्र सरकार में प्रतिष्ठित नौकरी का सपना...

Google Voluntary Exit Package: क्या गूगल कर्मचारियों को मिलेगा सुनहरा अवसर?

Google Voluntary Exit Package: निजी क्षेत्र में काम करने वाले पेशेवरों के लिए नौकरी...

Apple AirTag 2: भारत में लॉन्च हुआ नया ट्रैकिंग गैजेट, जानें फीचर्स और कीमत

AirTag 2: भारत के तकनीकी बाजार में एप्पल ने एक बार फिर अपनी उपस्थिति...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें