



Bihar Nal Jal Yojana: बिहार के गांवों में पानी की उम्मीदें जब टूटने लगती हैं, और विकास के दावों पर सवालिया निशान लगता है, तब सदन की आवाजें सच्चाई बयान करती हैं। बिहार विधानसभा सत्र में भाजपा विधायक ने हर घर नल का जल योजना की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला।
बिहार नल जल योजना: ‘नल से जल’ का सपना टूटा, विधानसभा में गरमाया मुद्दा!
Bihar Nal Jal Yojana: बिहार विधानसभा सत्र में भाजपा के एक विधायक ने ‘हर घर नल का जल’ (जल जीवन मिशन/नल-जल योजना) कार्यक्रम की दयनीय स्थिति पर सरकार को घेरा। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान, विधायक ने सदन को बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है, और कई स्थानों पर नलों से पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ गई है। यह स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
योजना की शुरुआत में इसे बिहार के हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का एक क्रांतिकारी कदम माना गया था। हालांकि, अब इसकी जमीनी हकीकत निराशाजनक है। विधायक ने बताया कि पाइपलाइनें टूट गई हैं, जलमीनारें खराब पड़ी हैं और कई वार्डों में तो इस योजना का काम कभी शुरू ही नहीं हुआ। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लाखों लोगों को स्वच्छ पानी मुहैया कराने का सपना अधूरा सा लगता दिख रहा है, जिससे जनता में भारी असंतोष है।
बिहार नल जल योजना की बदहाली: एक गंभीर चुनौती
विधायक ने सदन में योजना की वास्तविक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि योजना के तहत लगाए गए कई पंपसेट या तो खराब पड़े हैं या ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा, कई जगहों पर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जिससे योजना की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। ग्रामीण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने वाली इस योजना में लगातार आ रही रुकावटों से लोगों को फिर से पुराने, असुरक्षित स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
योजना की बदहाली के प्रमुख कारण
इस योजना की बदहाली के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें रखरखाव की कमी, ठेकेदारों की मनमानी, और अधिकारियों की उदासीनता प्रमुख हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि योजना के रखरखाव के लिए पर्याप्त फंड जारी नहीं किया जा रहा है, और जो फंड आवंटित भी होता है, उसका सही तरीके से उपयोग नहीं हो पा रहा है। कई जगहों पर जल गुणवत्ता की जांच भी नियमित रूप से नहीं हो रही है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। यह स्थिति दर्शाती है कि सिर्फ योजना बना देना ही काफी नहीं है, बल्कि उसके प्रभावी क्रियान्वयन और निरंतर निगरानी की भी उतनी ही आवश्यकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विपक्षी विधायकों ने इस पर लगातार सरकार को घेरने का मन बना लिया है। उन्होंने सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और योजना को पटरी पर लाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की राह
विपक्ष के लगातार हमलों के बावजूद, सरकार ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, माना जा रहा है कि विधानसभा के अंदर और बाहर इस योजना की बदहाली को लेकर दबाव बढ़ेगा। उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएगी ताकि ‘हर घर नल का जल’ का सपना साकार हो सके और ग्रामीण आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। यह न केवल स्वास्थ्य के लिए बल्कि जीवन की गुणवत्ता के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





