Bihar Border Security: बिहार की बिहार-नेपाल सीमा पर सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। एक हालिया समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ है कि भारत-नेपाल सीमा पर लगे 1,155 सीमा स्तंभ (पिलर) गायब हो गए हैं, जबकि 317 क्षतिग्रस्त पाए गए हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में यह जानकारी सामने आई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 3,771 पिलर अच्छी स्थिति में हैं, वहीं 100 नए पिलरों का निर्माण अभी लंबित है।
सीमा स्तंभों की स्थिति और अतिक्रमण का मुद्दा
सीमा प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े इस राज्य-स्तरीय समीक्षा में कई महत्वपूर्ण बिंदु उजागर हुए हैं। बिहार की 735 किलोमीटर लंबी सीमा नेपाल से सटी हुई है, जो सात प्रशासनिक जिलों को छूती है। इनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज शामिल हैं। बगाहा पुलिस जिला भी इस सीमा क्षेत्र में आता है। बैठक में इन सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों की समीक्षा की गई, जहां जिला प्रशासन और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) संयुक्त रूप से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रहे हैं।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 15 किलोमीटर ‘नो-मैन्स लैंड’ में अतिक्रमण के स्वतंत्र सत्यापन का आदेश दिया है। जिला रिपोर्टों के अनुसार, ‘नो-मैन्स लैंड’ क्षेत्र में 1,359 अतिक्रमण पाए गए थे, जिनमें से 1,349 हटा दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, सरकारी भूमि पर 996 अतिक्रमणों की सूचना मिली थी, जिनमें से 117 को हटाना अभी बाकी है। अधिकारियों ने बताया कि सीमा प्रबंधन अभ्यास के तहत शेष मामलों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
संदिग्ध प्रतिष्ठानों और बैंकिंग क्षेत्र पर कड़ी नजर
अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि सीमावर्ती बेल्ट में कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को संदिग्ध पाया गया है। समीक्षा के अनुसार, सीतामढ़ी और किशनगंज में ऐसे 28-28 प्रतिष्ठान, पश्चिम चंपारण में नौ, मधुबनी और सुपौल में छह-छह, तथा अररिया और पूर्वी चंपारण में पांच-पांच प्रतिष्ठान संदिग्ध पाए गए हैं। अररिया में विदेशी निवेश से जुड़े एक अलग मामले को आयकर विभाग की जांच शाखा को भेजा गया है।
राज्य सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशानिर्देशों के अनुरूप, सीमावर्ती जिलों में काम करने वाले सभी बैंक कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन का भी निर्देश दिया है। वित्त विभाग ने सीमावर्ती क्षेत्र की सभी 1,292 बैंक शाखाओं को जाली मुद्रा का पता लगाने वाली मशीनें स्थापित करने का निर्देश दिया है। इनमें से 1,259 शाखाओं ने पहले ही इसका अनुपालन कर लिया है। सरकार ने 10 लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य की अचल संपत्तियों के पंजीकरण के लिए पैन कार्ड जमा करना भी अनिवार्य कर दिया है।
ये निर्देश सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और आर्थिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं। आगामी दिनों में इन निर्देशों के क्रियान्वयन से सीमा सुरक्षा में सुधार और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगने की उम्मीद है।







