

Bihar News: जीवन की आपाधापी में बच्चे कभी-कभी ऐसे भंवर में फंस जाते हैं, जहां से निकलना मुश्किल हो जाता है। मोबाइल और ऑनलाइन गेम्स की चकाचौंध बच्चों के भविष्य पर ग्रहण लगा रही है। इसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए बिहार सरकार एक नई पहल कर रही है।
मोबाइल की लत पर लगेगी लगाम: बिहार सरकार का बड़ा ऐलान, बच्चों के लिए आ रही नई नीति
बिहार में बच्चों के स्क्रीन टाइम पर बिहार सरकार की चिंता
Bihar News: बिहार विधानसभा में हाल ही में मोबाइल और ऑनलाइन गेम्स की बढ़ती लत को लेकर गंभीर चर्चा हुई। इस चर्चा के दौरान विधायकों ने बच्चों और किशोरों पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। यह मुद्दा अब केवल घरों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि नीति निर्माताओं के बीच भी इसकी गंभीरता को समझा जा रहा है। सरकार इस बढ़ते संकट से निपटने के लिए एक मजबूत नीतिगत ढांचा तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि वह बच्चों और युवाओं के अत्यधिक स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने के लिए जल्द ही एक नई नीति लेकर आएगी। यह नीति न केवल मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग की लत को कम करने में सहायक होगी, बल्कि बच्चों के समग्र विकास और स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देगी। आधुनिक दौर में डिजिटल लत एक ऐसी चुनौती बन गई है, जिससे हर परिवार जूझ रहा है।
नीति का उद्देश्य और अपेक्षित परिणाम
प्रस्तावित नीति का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों से होने वाले नुकसान से बचाना है। इसमें स्क्रीन टाइम के लिए दिशानिर्देश तय किए जा सकते हैं, साथ ही माता-पिता और शिक्षकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी शामिल हो सकते हैं। इसका लक्ष्य बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक विकास और सामाजिक कौशल पर सकारात्मक प्रभाव डालना है, ताकि वे एक संतुलित जीवन जी सकें।
इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि बिहार देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल होगा, जो अपने युवा पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं। यह सिर्फ एक नीति नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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आज के दौर में जब बच्चे घंटों मोबाइल से चिपके रहते हैं, तब यह पहल और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यह नीति बच्चों को बाहरी गतिविधियों, पढ़ाई और रचनात्मक कार्यों में अधिक समय बिताने के लिए प्रेरित करेगी। शिक्षाविदों और बाल मनोवैज्ञानिकों ने भी इस कदम का स्वागत किया है, इसे समय की मांग बताया है। डिजिटल लत से मुक्ति दिलाकर हम अपने बच्चों को बेहतर कल दे सकते हैं।
क्या है सरकार का अगला कदम?
सरकार द्वारा बनाई जा रही इस नई पॉलिसी में क्या-क्या प्रावधान होंगे, इस पर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, कयास लगाए जा रहे हैं कि इसमें माता-पिता के लिए कुछ दिशा-निर्देश, स्कूल में डिजिटल उपकरणों के उपयोग को लेकर नियम, और बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के कार्यक्रम शामिल हो सकते हैं। इस नीति का उद्देश्य बच्चों को डिजिटल दुनिया के खतरों से बचाते हुए, उन्हें एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। समाज के सभी वर्गों से इस संबंध में सुझाव आमंत्रित किए जा सकते हैं ताकि यह नीति अधिक प्रभावी बन सके। जल्द ही इस नीति का मसौदा सार्वजनिक किए जाने की उम्मीद है।




