
Cremation Ghats in Bihar: अब गांवों में अंतिम सफर की राहें भी सुगम और सम्मानजनक होंगी, क्योंकि सरकार ने इसके लिए कमर कस ली है। बिहार के ग्रामीण इलाकों में अब अंतिम संस्कार के दौरान होने वाली असुविधाओं का अंत होने जा रहा है। राज्य सरकार ने पंचायती राज विभाग के माध्यम से प्रदेश की सभी 8053 ग्राम पंचायतों में सुव्यवस्थित और आधुनिक मुक्तिधाम का निर्माण करने की एक व्यापक योजना तैयार की है।
Cremation Ghats in Bihar का कायाकल्प: जानिए क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी
इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार करने के लिए एक व्यवस्थित और सम्मानजनक स्थान मिल सके। इन नए मुक्तिधामों में कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। दाह संस्कार के लिए बनाए जाने वाले स्थल के ऊपर एक मजबूत शेड का निर्माण किया जाएगा, ताकि बारिश या तेज धूप के कारण प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। परिसर को साफ-सुथरा रखने के लिए पेवर ब्लॉक लगाए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले परिजनों और अन्य लोगों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था की जाएगी, जिसके लिए एक अलग शेड बनेगा। साथ ही, परिसर में स्वच्छ पेयजल, शौचालय और स्नानागार की सुविधा भी सुनिश्चित की जाएगी। यह कदम न केवल सम्मानजनक अंतिम विदाई सुनिश्चित करेगा, बल्कि यह ग्रामीण विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को इस योजना को आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के ग्राम पंचायत विकास योजना में सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।
सर्वेक्षण का काम तेज, जल्द जमीन पर उतरेगी योजना
इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सरकार ने श्मशान घाटों का एक विस्तृत सर्वेक्षण भी शुरू कर दिया है। अब तक लगभग 7500 ग्राम पंचायतों में सर्वेक्षण का कार्य पूरा किया जा चुका है और शेष पंचायतों में यह प्रक्रिया तेजी से चल रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस सर्वेक्षण के माध्यम से हर पंचायत में श्मशान घाट की मौजूदा स्थिति, भूमि का प्रकार, खाता-खेसरा संख्या और कुल क्षेत्रफल जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
इन आंकड़ों के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि किस पंचायत में किस स्तर के निर्माण और विकास कार्य की आवश्यकता है। सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम संस्कार की व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि यह गांवों में बुनियादी ढांचे को भी मजबूती प्रदान करेगी। यह योजना सही मायनों में ग्रामीण विकास को एक नई दिशा देगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







