
Bihar Politics: बिहार की सियासत में आजकल एक नया मोर्चा खुल गया है, जहां सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप सीधे एक मंत्री पर लगा है। यह मामला महज एक कैलेंडर का नहीं, बल्कि सत्ता के गलियारों में नैतिक मर्यादाओं के उल्लंघन का गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।
Bihar Politics: PHED विभाग के कैलेंडर पर क्यों मचा बवाल?
बिहार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के कैलेंडर को लेकर राजनीतिक गलियारों में गरमागरमी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने विभाग के मंत्री संजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
RJD का कहना है कि मंत्री ने सरकारी धन का दुरुपयोग करते हुए विभाग के आधिकारिक कैलेंडर में अपने परिवार के सदस्यों की तस्वीरें छपवाई हैं। यह सरकारी संसाधनों के निजी इस्तेमाल का स्पष्ट उदाहरण है, और इसी को लेकर विपक्ष सरकार को घेर रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विपक्षी दल ने इस मामले को लेकर नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि यह पारदर्शिता और नैतिकता के दावों की पोल खोलता है। RJD प्रवक्ता ने बयान जारी कर मंत्री से जवाब मांगा है कि आखिर किस आधार पर सरकारी कैलेंडर में उनके परिवार के सदस्यों की निजी तस्वीरें प्रकाशित की गईं। इस सरकारी कैलेंडर विवाद ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल
RJD का आरोप है कि यह जनता के पैसे का सीधा दुरुपयोग है और ऐसे कृत्यों से सरकारी विभागों की गरिमा धूमिल होती है। उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मामले का संज्ञान लें और मंत्री संजय सिंह के खिलाफ उचित कार्रवाई करें। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में नेताओं द्वारा पद के दुरुपयोग के आरोपों को हवा दे दी है। इस पूरे प्रकरण पर सत्ता पक्ष की ओर से अभी तक कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे विपक्ष को और हमलावर होने का मौका मिल गया है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह केवल एक ‘गलती’ है या फिर सरकारी पदों पर बैठे लोगों के बीच ऐसी प्रवृत्तियां आम हो रही हैं। इस मामले में आगे क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा, क्योंकि यह सरकारी कैलेंडर विवाद अब एक बड़े राजनीतिक मुद्दे का रूप ले चुका है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




