
बिहार पीएनजी कनेक्शन: बिहार के लोगों के लिए खुशखबरी है! अगर आप भी अपने घर में पाइप वाली सस्ती और सुरक्षित गैस का इंतजार कर रहे थे, तो अब इसकी रफ्तार और तेज होने वाली है। मुख्य सचिव ने गैस कंपनियों को हर महीने 9,000 से 12,000 कनेक्शन देने का लक्ष्य दिया है। राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने हाल ही में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) की बैठक की समीक्षा की, जहां राज्य के सभी 38 जिलों में पाइप्ड प्राकृतिक गैस (PNG) और रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति की स्थिति पर चर्चा हुई।
गैस आपूर्ति में तेजी और नए लक्ष्य
बैठक में जानकारी दी गई कि 18 अप्रैल 2026 तक बिहार में कुल 1,04,036 घरों में बिहार पीएनजी कनेक्शन शुरू हो चुके हैं। पिछले एक साल में प्रति माह 3000 से 3500 कनेक्शन दिए जा रहे थे, जो मार्च 2026 में बढ़कर 7585 प्रति माह हो गए हैं। इस गति को और बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव ने गैस कंपनियों को प्रतिमाह 9,000 से 12,000 नए पीएनजी कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए हैं। कटिहार जिला 13 अप्रैल को पूर्ण रूप से गैसकृत हो गया है, और अब बिहार के कुल 18 जिले गैसकृत हो चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को गैस अवसंरचना कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। दरभंगा, बक्सर और मधुबनी जैसे जिलों में भूमि आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा गया है। सरकार की प्राथमिकता है कि आम उपभोक्ताओं को स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मुख्य सचिव ने राज्य में एलपीजी आपूर्ति की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सघन जांच अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस क्रम में 19 अप्रैल तक अररिया में 268, कटिहार में 45 और मधेपुरा में 57 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं, और कई स्थानों पर प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि एलपीजी आपूर्ति में किसी प्रकार की कालाबाजारी न हो और सभी को सुचारु रूप से गैस मिल सके।
जनगणना कार्य: धीमी प्रगति वाले जिलों को चेतावनी
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों के साथ स्व-गणना और हाउस लिस्टिंग ब्लाक्स (HLBC) के डिमार्केशन व जियो-टैगिंग कार्यों की समीक्षा भी की। समीक्षा में वैशाली, मधुबनी, खगड़िया, भागलपुर और सहरसा जिलों की स्व-गणना प्रगति संतोषजनक पाई गई। वहीं, एचएलबीसी डिमार्केशन व जियो-टैगिंग में सहरसा, सिवान, रोहतास, पूर्णिया और खगड़िया अग्रणी रहे। मुख्य सचिव ने कमजोर प्रगति वाले जिलों को सख्त हिदायत देते हुए एक सप्ताह के भीतर रणनीति बनाकर सुधार लाने के निर्देश दिए। जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक रंजीता ने बताया कि तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं और तीन त्वरित प्रतिक्रिया दल भी गठित किए गए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। राज्य में अब तक 3.28 लाख से अधिक स्व-गणना पूर्ण हो चुकी है। सभी जिलाधिकारियों को प्रतिदिन समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







