

Child Kidnapping Rumors: अफवाहों का ज़हर जब समाज में घुलने लगता है, तब सच्चाई भी अपनी पहचान खो देती है। बिहार में इन दिनों बच्चा चोरी की अफवाहों ने ऐसा ही माहौल बना रखा है, जहां हर अनजान चेहरा शक के घेरे में आ जाता है और कई बार बेगुनाह लोग मॉब लिंचिंग का शिकार हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए अब पुलिस मुख्यालय ने कड़ा रुख अपनाया है।
Child Kidnapping Rumors: आखिर क्यों फैल रही हैं ये अफवाहें?
बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों को बच्चा चोरी की अफवाहों को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया है। अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) अमित कुमार जैन ने स्पष्ट किया है कि हाल के दिनों में सामने आए बच्चा चोरी के कई मामले जांच के बाद निराधार और कोरी अफवाह साबित हुए हैं। इन अफवाहों के कारण आम लोगों में दहशत और भ्रम की स्थिति बन रही है, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक चुनौती बन गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पुलिस ने आम जनता से भावुक अपील की है कि वे किसी भी तरह की अपुष्ट सूचना पर कानून अपने हाथ में न लें। यदि उन्हें बच्चा चोरी या किसी संदिग्ध व्यक्ति से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल 112 नंबर डायल करके या अपने नजदीकी पुलिस थाने में सूचित करें। इन डिजिटल अफवाहों के फैलने के पीछे कई बार असामाजिक तत्वों का हाथ होता है, जो समाज में भय और अराजकता फैलाना चाहते हैं। इन Child Kidnapping Rumors को फैलाने वालों पर नकेल कसने के लिए ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। सोशल मीडिया पर इन डिजिटल अफवाहों को रोकने के लिए पुलिस साइबर सेल को भी सक्रिय किया गया है, जो ऐसी पोस्ट्स और अकाउंट्स पर लगातार नज़र रख रहा है।
पुलिस की सख्त चेतावनी और बचाव के उपाय
पुलिस मुख्यालय ने अपने फरमान में यह भी कहा है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी झूठी खबरें फैलाने वालों की पहचान की जा रही है और उन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी मैसेज या पोस्ट को आगे फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच कर लें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह जरूरी है कि समाज का हर वर्ग पुलिस और प्रशासन का सहयोग करे ताकि इन अफवाहों पर लगाम लगाई जा सके और निर्दोष लोगों को किसी भी प्रकार की हिंसा का शिकार होने से बचाया जा सके। अफवाहों से सतर्क रहने और पुलिस को सूचित करने से ही हम एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण समाज का निर्माण कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





