
Police Dog Squad: खामोशी से शिकार पर नज़र रखने वाले ये चौकन्ने सिपाही, अपने तेज सूंघने और सुनने की शक्ति से बड़े-बड़े अपराधियों की नाक में दम कर देते हैं। अब बिहार पुलिस के स्वान दस्ता को और भी मजबूत किया जा रहा है।
Bihar Police Dog Squad: अब अपराधियों की खैर नहीं!
बिहार पुलिस के डॉग स्क्वॉड को अब पहले से कहीं ज्यादा सुदृढ़ किया जा रहा है। हाल ही में, विशेष रूप से प्रशिक्षित 30 नए स्वानों को इस दस्ते में शामिल किया गया है, जिससे राज्य में पुलिस डॉग्स की कुल संख्या बढ़कर 96 हो गई है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि इन स्वानों का उपयोग बम निरोधक गतिविधियों, नशीले पदार्थों की तस्करी का पता लगाने और गंभीर अपराधों में सुराग ढूंढने में किया जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
हालांकि, स्वीकृत पदों की संख्या अभी भी 200 है, जिसका अर्थ है कि अभी भी 104 स्वानों की कमी है। इस कमी को पूरा करने के लिए भी प्रयास जारी हैं ताकि पुलिस बल की क्षमता में और वृद्धि हो सके। इन प्रशिक्षित स्वानों की मदद से अपराध अनुसंधान में काफी मदद मिलती है और पुलिस को मामलों को सुलझाने में तेजी आती है।
आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम
पुलिस महकमे में स्वान दस्ते का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। ये न सिर्फ अपराधियों को पकड़ने में मदद करते हैं, बल्कि घटनास्थल से महत्वपूर्ण सबूत जुटाने में भी इनकी भूमिका अहम होती है। बिहार पुलिस का यह कदम राज्य में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। यह दिखाता है कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन अपराधों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीकों और संसाधनों का उपयोग करने के प्रति गंभीर है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/। इन विशेषज्ञ स्वानों का प्रशिक्षण भी उच्च स्तरीय होता है, जिसमें उन्हें विभिन्न प्रकार के अपराधों को पहचानने और अपराधियों तक पहुंचने के लिए तैयार किया जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






