
पूर्वी चंपारण मुठभेड़: रात के स्याह अंधेरे में गोलियों की गूँज ने शांति को चीर दिया। वर्दी और अपराध के बीच यह सीधी टक्कर थी, जहां वीर सपूत ने देश के लिए जान न्योछावर कर दी और दो अपराधियों का अंत हुआ।
पूर्वी चंपारण मुठभेड़: जब पुलिस की गोलियों से थर्राया सिहोरवा, दो शातिर अपराधी ढेर, एक जांबाज शहीद
पूर्वी चंपारण मुठभेड़: पुलिस को मिली थी धमकी, फिर हुआ खूनी खेल
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले का चकिया थाना क्षेत्र सोमवार की रात एक खूनी जंग का गवाह बना। सिहोरवा गांव में पुलिस और कुंदन ठाकुर गिरोह के सदस्यों के बीच हुई मुठभेड़ में मुजफ्फरपुर का कुख्यात अपराधी कुंदन ठाकुर और उसका साथी प्रियांशु दुबे मारे गए। दुर्भाग्यवश, इस दौरान एसटीएफ के एक जांबाज जवान श्रीराम कुमार यादव ने भी शहादत प्राप्त की। यह पूरा घटनाक्रम पुलिस को मिली एक खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ। जानकारी मिली थी कि कुंदन ठाकुर गिरोह के सदस्य हथियारबंद होकर अपने एक दोस्त के घर में छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Motihari Encounter: जब अपराध का फन सिर उठाने लगे, और कानून को चुनौती दी जाए, तब पुलिस की जवाबी कार्रवाई ही न्याय का रास्ता खोलती है। पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में हुई सनसनीखेज पुलिस मुठभेड़ के बाद, बिहार पुलिस ने इस पूरी घटनाक्रम का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक किया है।
Motihari Encounter: पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में हुई पुलिस मुठभेड़ को लेकर बिहार पुलिस ने पूरी घटना की जानकारी साझा की है। बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि इस गहन कार्रवाई की नींव एक चौंकाने वाले धमकी भरे फोन कॉल से पड़ी थी। यह कॉल सीधे एक थाना प्रभारी को की गई थी।
Motihari Encounter: ऐसे हुई मोतिहारी में खूनी वारदात की शुरुआत
कॉल करने वाले ने पुलिसकर्मियों को खुलेआम धमकी दी थी और कहा था कि अगर वे एक निश्चित मामले से पीछे नहीं हटे, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इस धमकी को पुलिस ने गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से इसकी जांच शुरू कर दी। डीजीपी कुमार के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला कि यह कॉल एक संगठित आपराधिक गिरोह से संबंधित थी, जो इलाके में अपनी पैठ जमाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने कॉल लोकेशन और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर अपराधियों की पहचान की और उन्हें पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पुलिस टीम ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए मोतिहारी के एक सुनसान इलाके में इन अपराधियों को घेर लिया। पुलिस के पहुंचते ही अपराधियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस दौरान दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग हुई। पुलिस ने बताया कि इस मुठभेड़ में कम से कम दो दुर्दांत गैंगस्टर ढेर हो गए, जबकि कुछ अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है।
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि फरार अपराधियों की तलाश में सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग पुलिस की कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पुलिस की सघन जांच और आगे की कार्रवाई
डीजीपी विनय कुमार ने स्पष्ट किया कि बिहार पुलिस किसी भी आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी मुस्तैदी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें और अपराधियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मुठभेड़ से यह संदेश स्पष्ट है कि बिहार में अब आपराधिक गिरोहों के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस प्रशासन लगातार ऐसे तत्वों पर नकेल कसने में जुटा हुआ है। आगे की जांच जारी है और जल्द ही इस मामले में कई और खुलासे होने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि वे पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी दोषी बच न पाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घटना का विस्तृत ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ से पहले, मृतकों में से एक अपराधी ने सोमवार को चकिया के एसएचओ को सीधे फोन कर धमकी दी थी। अपराधी ने पुलिसकर्मियों की लाशें बिछा देने की बात कही थी, जो पुलिस के लिए एक सीधी चुनौती थी। जब पुलिस ने इस नंबर को ट्रेस किया, तो वह नेपाल का निकला। इसके बाद पुलिस ने अपराधियों के संभावित ठिकाने का पता लगाया और रात में ही छापेमारी का अभियान शुरू किया।
डीजीपी के मुताबिक, पुलिस टीम ने घर को चारों ओर से घेर लिया और अपराधियों से आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन उन्होंने दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया। इसके बजाय, उन्होंने खिड़की से पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलीबारी की, जिसमें दो बदमाश और एसटीएफ जवान श्रीराम कुमार यादव को गोली लग गई। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों अपराधियों और बहादुर एसटीएफ जवान की मौत हो गई।
अन्य दो बदमाश गिरफ्तार, हथियार भी बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दो अन्य बदमाशों उज्जवल कुमार और संत कुमार तिवारी को मौके से गिरफ्तार कर लिया है, जो चकिया के सिहोरवा निवासी हैं। पुलिस को दी गई धमकी के मामले में भी एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। शहीद एसटीएफ जवान श्रीराम कुमार यादव सिवान जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के निवासी थे। मारे गए अपराधियों की पहचान कुंदन ठाकुर (बुल्ला चौक, चकिया) और प्रियांशु दुबे (बसंतपुर गांव, साहेबगंज, मुजफ्फरपुर) के रूप में हुई है।
मौके से पुलिस ने एक कार्बाइन, दो पिस्टल, दो कट्टा, पांच जिंदा कारतूस और 17 खाली खोखे बरामद किए हैं। कुख्यात अपराधी कुंदन ठाकुर के खिलाफ पांच आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें सभी आर्म्स एक्ट से संबंधित हैं। इन मामलों में से चार पूर्वी चंपारण जिले में और एक मुजफ्फरपुर जिले में दर्ज है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें





