
Bihar Police News: पुलिस महकमे पर लगातार बढ़ते हमलों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था की नींव हिला दी है। जब रक्षक ही सुरक्षित न हों, तो आमजन का क्या? इसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए अब पुलिस मुख्यालय ने एक सख्त फरमान जारी किया है, जिसमें छापेमारी से पहले वरीय अधिकारियों को सूचित करना अनिवार्य होगा।
बिहार पुलिस पर हमलों के बाद सख्त हुए नियम: अब छापेमारी से पहले देनी होगी सीनियर ऑफिसर को सूचना
राज्य में पुलिस पर लगातार हो रहे हमलों के मद्देनजर, बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब किसी भी तरह की छापेमारी या गिरफ्तारी से पहले संबंधित थाना प्रभारी को अपने सर्किल इंस्पेक्टर और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) को अनिवार्य रूप से सूचना देनी होगी। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि स्थिति का सही आकलन कर पर्याप्त पुलिस बल के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और जवानों पर होने वाले हमलों को रोका जा सके। मुख्यालय ने सभी जिला पुलिस कप्तानों को छापेमारी के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
बुधवार को बिहार पुलिस मुख्यालय में महानिदेशक (DGP) विनय कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में डीआईजी और आईजी स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ सभी जिलों के एसपी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक में राज्य की समग्र कानून व्यवस्था की समीक्षा की गई और विशेष रूप से हाल के दिनों में पुलिस टीमों पर हुए हमलों पर गहन चर्चा हुई।
पिछले कुछ दिनों में पुलिस पर हुए प्रमुख हमलों में मोतिहारी के चकिया में अपराधियों से मुठभेड़, जिसमें दो अपराधी ढेर हुए और एक जवान शहीद हो गया। इसके अलावा, मुजफ्फरपुर के गायघाट में पुलिस टीम पर ग्रामीणों का हमला हुआ, जिसमें एक वृद्ध की मौत हो गई और पुलिसकर्मी भी घायल हुए। पटना के धनराज छपरा में बालू माफियाओं ने पुलिस गश्ती दल पर हमला किया, जिसमें छह जवान घायल हुए, और पटना के बुद्धा कॉलोनी में छापेमारी करने गई नारकोटिक्स टीम पर भी हमला हुआ और फायरिंग की घटना सामने आई।
Bihar Police News: छापेमारी से पहले क्या हैं नए निर्देश?
बैठक में जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि छापेमारी या गिरफ्तारी जैसी किसी भी कार्रवाई से पहले वारंट सहित सभी कानूनी प्रक्रियाओं का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, कार्रवाई के लिए निकलने से पहले घटनास्थल की स्थिति का गहन आकलन किया जाए और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल के साथ ही टीम को भेजा जाए। वरीय अधिकारियों को पूर्व सूचना होने से वे पूरी कार्रवाई की निगरानी कर सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बल या सहयोग भी तत्काल उपलब्ध करा सकेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह व्यवस्था पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रभावी ढंग से अपराधियों पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। राज्य की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ऐसे कदम समय की मांग है।
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पॉक्सो एक्ट मामलों में अनुसंधान की गति बढ़ाने पर जोर
बैठक में मुजफ्फरपुर के गायघाट में पॉक्सो एक्ट के एक मामले की भी विशेष समीक्षा की गई। इस मामले में जानकारी मिली कि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम देर रात गई थी। आरोप है कि सात-आठ आरोपितों ने एक नाबालिग लड़की के साथ मारपीट की थी, जिसमें से एक आरोपित ने बाद में सरेंडर कर दिया था। पुलिस मुख्यालय ने इस मामले में 60 दिनों के भीतर अनुसंधान पूरा करने के अनिवार्य निर्देश के पालन की जांच के आदेश दिए हैं। पॉक्सो एक्ट के मामलों में त्वरित और संवेदनशील जांच सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है ताकि पीड़ित को जल्द न्याय मिल सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इसके अतिरिक्त, मोतिहारी के चकिया में हुई मुठभेड़ के दौरान एक जवान के शहीद होने और दो अपराधियों के मारे जाने की घटना पर संबंधित पुलिस अधीक्षक से विस्तृत जानकारी ली गई। मुख्यालय ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और पुलिस की तैयारियों को और मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा की। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पुलिसकर्मी पूरी तैयारी और सुरक्षा के साथ किसी भी ऑपरेशन को अंजाम दें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



