
Bihar Rajya Sabha Election: राजनीति की बिसात पर मोहरों का इधर-उधर होना कोई नई बात नहीं, लेकिन जब अपने ही प्यादे खेल के मैदान से गायब हो जाएं तो संकट गहराना तय है। बिहार में भी कुछ ऐसा ही हुआ है, जहाँ राज्यसभा चुनाव में वोटिंग से दूरी बनाने वाले कांग्रेस के तीन विधायकों पर अब पार्टी ने सख्त रुख अपना लिया है।
बिहार राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस के ‘लापता’ विधायकों पर सख्त हुआ हाईकमान, 48 घंटे का अल्टीमेटम
बिहार राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस विधायकों की अनुपस्थिति और सियासी हलचल
बिहार में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के तीन विधायकों का मतदान से अनुपस्थित रहना अब पार्टी के लिए गले की फांस बन गया है। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ कांग्रेस की अंदरूनी एकजुटता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि महागठबंधन की एकजुटता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी हाईकमान ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तीनों विधायकों को नोटिस जारी कर 48 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि पार्टी इस तरह की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं करेगी, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कांग्रेस के तीन विधायक जो वोटिंग से दूर रहे, उनमें मुरारी गौतम, सिद्धार्थ सिंह और प्रतिमा कुमारी शामिल हैं। इनकी गैर-मौजूदगी ने कांग्रेस और समूचे महागठबंधन को असहज स्थिति में ला दिया है। राजनीतिक गलियारों में इस बात पर तीखी बहस छिड़ गई है कि आखिर इन विधायकों ने मतदान क्यों नहीं किया और क्या इसके पीछे कोई अंदरूनी खींचतान या बाहरी दबाव था।
महागठबंधन की एकजुटता पर मंडराते बादल
तीन विधायकों की इस ‘लापता’ वाली घटना ने विपक्ष के महागठबंधन को हिलाकर रख दिया है। यह स्थिति ऐसे समय में उत्पन्न हुई है जब देश आगामी लोकसभा चुनावों की ओर अग्रसर है और विपक्षी दलों को एकजुटता का संदेश देना बेहद जरूरी है। कांग्रेस के इस आंतरिक संकट ने महागठबंधन संकट को और गहरा कर दिया है, जिससे भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जवाब संतोषजनक न होने पर इन विधायकों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। यह कदम अन्य विधायकों के लिए भी एक संदेश होगा कि पार्टी लाइन से हटने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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यह घटना बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आई है, जहाँ हर दल अपनी ताकत आजमाने की फिराक में है। आने वाले समय में देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इन विधायकों पर क्या फैसला लेती है और इसका बिहार की राजनीतिक तस्वीर पर क्या असर पड़ता है। क्या महागठबंधन इस झटके से उबर पाएगा या यह दरार और गहरी होगी, यह तो वक्त ही बताएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






