back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 27, 2026
spot_img

Bihar Rajya Sabha Election: पांचवीं सीट पर छिड़ा घमासान, तेजस्वी से AIMIM ने मांगा समर्थन, NDA की बढ़त

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Bihar Rajya Sabha Election: सियासत के अखाड़े में हर दांव नया होता है, और बिहार की धरती पर यह कहावत एक बार फिर सच साबित हो रही है। राज्यसभा की पांच सीटों का संग्राम अब सिर्फ अंकगणित का खेल नहीं, बल्कि राजनीतिक बिसात पर बिछी एक जटिल चाल है।

- Advertisement -

Bihar Rajya Sabha Election: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों का समीकरण

Bihar Rajya Sabha Election: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। चार सीटों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की जीत लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन पांचवीं सीट ने पूरे चुनावी परिदृश्य को दिलचस्प बना दिया है। इस सीट पर मुकाबले ने राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ले लिया है, जिससे अब हर दल और निर्दलीय विधायक की भूमिका अहम हो गई है।

- Advertisement -

पांचवीं सीट पर महागठबंधन ने भी अपना उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया है, जिससे चुनावी समीकरण और जटिल हो गए हैं। इस बीच, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) ने राजद नेता तेजस्वी यादव से समर्थन की मांग कर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। एआईएमआईएम का समर्थन अब किस पाले में जाता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  UP Rail Infrastructure: उत्तर प्रदेश में दौड़ेगी जर्मनी की रफ्तार, 200 करोड़ का निवेश, नई क्रांति का आगाज!

बिहार की राजनीतिक बिसात पर हर पार्टी अपनी गोटियां बड़े ध्यान से चल रही है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस महत्वपूर्ण चुनाव में अपनी ताकत का प्रदर्शन करने को बेताब हैं। यह सिर्फ सीटों का खेल नहीं, बल्कि आगामी चुनावों के लिए अपनी पकड़ मजबूत करने की कवायद भी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

राज्यसभा चुनाव में विधायकों की संख्या बल के आधार पर जीत सुनिश्चित होती है, लेकिन क्रॉस वोटिंग या अनुपस्थिति किसी भी समीकरण को बदल सकती है। ऐसे में सभी दल अपने विधायकों को एकजुट रखने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

पांचवीं सीट पर क्यों फंसा है पेंच?

पांचवीं सीट पर पेंच इसलिए फंसा है क्योंकि दोनों प्रमुख गठबंधन, एनडीए और महागठबंधन, अपने दम पर इस सीट को जीतने की स्थिति में नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों का रोल निर्णायक हो जाता है। एआईएमआईएम के विधायकों की भूमिका भी इस चुनाव में अहम हो सकती है, जिन्होंने तेजस्वी यादव से समर्थन की गुहार लगाई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव सिर्फ राज्यसभा की सीटों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह बिहार में मौजूदा राजनीतिक गठबंधनों की ताकत और कमजोरियों को भी उजागर करेगा। अगले कुछ दिनों में तस्वीर और साफ होगी, जब मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी होगी। बिहार की राजनीति में यह एक रोमांचक मुकाबला है, और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

यह भी पढ़ें:  Holi Special Buses: परदेसी बिहारियों के लिए बड़ा तोहफा, त्योहार पर मिली छूट! पढ़िए दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों से पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया और...आना आसान

महागठबंधन ने जहां एकजुट होकर एक और सीट निकालने की रणनीति बनाई है, वहीं एनडीए अपने चार उम्मीदवार आसानी से जिताने के बाद पांचवीं सीट पर भी सेंध लगाने की कोशिश में है। आने वाले समय में पता चलेगा कि किसके सिर जीत का सेहरा बंधता है और कौन बाजी हारता है। बिहार की हर राजनीतिक हलचल पर पैनी नज़र रखे हुए आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

भारतीय अर्थव्यवस्था में बूम: 7.8% GDP Growth के साथ दिसंबर तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन

GDP Growth: भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर एक उत्साहजनक खबर सामने आई है। त्योहारी...

नीरज घेवान का खुलासा: ‘होमबाउंड’ की कहानी क्यों झकझोर गई उन्हें?

Neeraj Ghaywan News: फिल्म मेकिंग की दुनिया में कुछ कहानियाँ ऐसी होती हैं जो...

Bhagalpur News: भागलपुर में 27 लाख की ब्राउन शुगर संग शातिर तस्कर गिरफ्तार, पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

Bhagalpur News: भागलपुर में नशे के सौदागरों के काले कारोबार पर पुलिस ने तगड़ा...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें