

Bihar Rajya Sabha Election: सियासत के अखाड़े में फिर से बिछी बिसात, राज्यसभा की पांच सीटों पर उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला नजदीक। बिहार में राज्यसभा की पांच खाली हो रही सीटों पर चुनावी बिगुल बज चुका है। भारत निर्वाचन आयोग ने बुधवार को इन सीटों के लिए मतदान की तारीख 16 मार्च घोषित कर दी है, जिसके साथ ही राज्य में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। ये वो सीटें हैं जिनका प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह, अमरेंद्र धारी सिंह और प्रेमचंद्र गुप्ता कर रहे थे, और जिनका कार्यकाल अब समाप्त हो रहा है।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इन सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया 26 फरवरी से शुरू होगी, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उम्मीदवारों के पास 5 मार्च तक अपने नामांकन पत्र दाखिल करने का अवसर होगा। 6 मार्च को नामांकन पत्रों की गहन जांच की जाएगी, जबकि 9 मार्च तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे।
मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक संपन्न होगा। उसी दिन शाम 5 बजे से मतों की गिनती शुरू हो जाएगी और परिणामों की घोषणा भी उसी दिन कर दी जाएगी। पूरे चुनाव प्रक्रिया को 20 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बिहार राज्यसभा चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम
- अधिसूचना जारी: 26 फरवरी 2026
- नामांकन की अंतिम तिथि: 5 मार्च 2026
- नामांकन पत्रों की जांच: 6 मार्च 2026
- नाम वापसी की अंतिम तिथि: 9 मार्च 2026
- मतदान: 16 मार्च 2026 (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक)
- मतगणना: 16 मार्च 2026, शाम 5 बजे से
- चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि: 20 मार्च 2026
विधानसभा में संख्याबल और सीटों का गणित
खाली हो रही पांच सीटों में से तीन सीटें एनडीए के पास थीं, जबकि दो महागठबंधन के खाते में थीं। दिलचस्प बात यह है कि इन तीन एनडीए सीटों में भाजपा का एक भी मौजूदा राज्यसभा सांसद नहीं है। एनडीए खेमे में जदयू के दो और रालोमो के एक राज्यसभा सांसद का कार्यकाल पूरा हो रहा है। वहीं, महागठबंधन से राजद के दो राज्यसभा सांसद अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं।
वर्तमान विधानसभा में एनडीए के पास भाजपा, जदयू, लोजपा-आर, हम और रालोमो के कुल 202 विधायक हैं। दूसरी ओर, महागठबंधन में राजद के 25, कांग्रेस के 6, सीपीआई-माले के 2 और आईआईपी के 1 विधायक सहित कुल 35 विधायक हैं। असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम के 5 और मायावती की बसपा के 1 विधायक सहित 6 अन्य विधायक हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
संख्याबल के हिसाब से, एनडीए को चार सीटों पर जीत की उम्मीद है। ऐसा माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जदयू अपनी दोनों सीटें बरकरार रखेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। एनडीए के खाते में बची हुई दो सीटों पर भाजपा अपने किसी नेता को राज्यसभा भेजेगी या उपेंद्र कुशवाहा और चिराग पासवान की पार्टियों को समायोजित करेगी, यह देखना दिलचस्प होगा। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी एक सीट के लिए दावा पेश किया था, लेकिन उनके बेटे और हम पार्टी के अध्यक्ष संतोष सुमन ने ही उनके दावे को कमजोर कर दिया था।
महागठबंधन की ओर से, तेजस्वी यादव की पार्टी राजद के दो राज्यसभा सांसद, अमरेंद्र धारी सिंह और प्रेमचंद गुप्ता, सेवानिवृत्त हो रहे हैं। हालांकि, वर्तमान में राजद और उसके गठबंधन की राजनीतिक शक्ति इतनी नहीं है कि वे इनमें से किसी एक को भी दोबारा संसद भेज सकें। यदि लालू प्रसाद यादव की पार्टी को ओवैसी और मायावती की पार्टियों का समर्थन मिलता है, तभी महागठबंधन की ओर से किसी एक राज्यसभा सांसद का दोबारा चुना जाना संभव हो पाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




