
Bihar Rajya Sabha Elections: सियासत की शतरंज बिछी है, मोहरे चल दिए गए हैं। बिहार की धरती पर राज्यसभा चुनावों का रण, हर दांव पर नजरें टिकी हैं। अब बस जीत का सेहरा किसके सिर सजेगा, यह देखना बाकी है। सूबे में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर है, जहां मतदान से ठीक पहले बैठकों का दौर तेज हो गया है और जीत के अपने-अपने दावे किए जा रहे हैं।
बिहार राज्यसभा चुनाव: NDA ने ठोका 5 सीटों पर दावा, विपक्ष में ‘बड़ी टूट’ की भविष्यवाणी; क्रॉस वोटिंग के आसार
बिहार राज्यसभा चुनाव: पांच सीटों पर कांटे की टक्कर, NDA का बड़ा दावा
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव से ठीक पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। मतदान से करीब 48 घंटे पूर्व राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के दो कद्दावर नेताओं, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने पटना में एक महत्वपूर्ण बैठक कर रणनीति पर गहन मंथन किया। इस बैठक के बाद संजय झा ने आत्मविश्वास से भरा दावा करते हुए कहा कि NDA सभी पांच सीटों पर शानदार जीत दर्ज करेगा। उन्होंने यहां तक कहा कि विपक्ष में एक बड़ी टूट होने वाली है और कई विधायक NDA के पक्ष में मतदान करेंगे।
राज्यसभा की इन पांच सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। NDA ने अपने पांच मजबूत प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, जिनमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और भाजपा नेता शिवेश राम शामिल हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
वहीं, विपक्षी खेमे से लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने एडी सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। कुल पांच सीटों पर छह प्रत्याशियों के होने से बिहार में 12 साल बाद राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान की नौबत आई है। सियासी पंडितों का मानना है कि सत्ताधारी गठबंधन की चार सीटों पर जीत लगभग तय है, लेकिन पांचवीं सीट जीतने के लिए NDA को कम से कम तीन अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी।
इसी तरह, महागठबंधन को भी RJD प्रत्याशी एडी सिंह को जिताने के लिए छह अतिरिक्त विधायकों के वोटों की जरूरत है। तेजस्वी यादव को उम्मीद है कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के पांच और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के एक विधायक का वोट एडी सिंह के पाले में आएगा। इस संबंध में RJD और AIMIM के बीच बातचीत का दौर भी चला है। फिलहाल, दोनों प्रमुख खेमों—सत्ता पक्ष और विपक्ष—से अपनी-अपनी जीत के दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में, सोमवार को होने वाले मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।
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विधायकों को एकजुट रखने की कवायद और बैठकों का दौर
एनडीए ने अपने विधायकों को एकजुट रखने और किसी भी तरह की संभावित क्रॉस वोटिंग से बचने के लिए घेराबंदी तेज कर दी है। कुछ दिन पहले पटना में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर NDA विधायक दल की एक बैठक बुलाई गई थी, जिसमें सभी विधायकों को 16 मार्च तक पटना में ही रहने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। शनिवार को राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर NDA विधायक दल की एक और महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसके बाद रविवार को उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के आवास पर भी NDA विधायकों की एक और बैठक निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य एकजुटता बनाए रखना और अंतिम रणनीति पर चर्चा करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो आपको दे रहा है बिहार की सबसे सटीक ख़बर।
राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान सोमवार को बिहार विधानसभा परिसर में होना है, जिसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बिहार की जिन पांच सीटों पर यह चुनाव हो रहा है, उनमें वर्तमान में तीन सांसद NDA से और दो RJD से हैं। इन सभी सांसदों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है।

