
Bihar Revenue Department: बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में इस्तीफों की पतझड़ के बीच, सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का हंटर चला दिया है। एक तरफ जहां राजस्व सेवा के अधिकारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है, वहीं दूसरी ओर सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए 5 अधिकारियों के त्यागपत्र को हरी झंडी दे दी है।
Bihar Revenue Department: इन पांच अधिकारियों का इस्तीफा हुआ स्वीकार
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों की अनुशंसा पर पांच राजस्व अधिकारियों के त्यागपत्र को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राजस्व सेवा के अधिकारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। सरकार के इस कदम को एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। स्वीकृत किए गए त्यागपत्रों का विवरण इस प्रकार है:
- स्मृति कुमारी: राजस्व अधिकारी, हाजीपुर सदर अंचल (वैशाली)।
- अंकित वर्मा: अंचल अधिकारी, राजपुर अंचल (रोहतास)। इनका त्यागपत्र 27 अगस्त 2024 से प्रभावी माना जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- शिवांगी पांडे: राजस्व अधिकारी, परसा अंचल (सारण)। इनका त्यागपत्र 7 मई 2025 से स्वीकृत किया गया है।
- राजन कुमार: राजस्व अधिकारी (रोहतास)। इनका चयन बिहार वित्त सेवा में सहायक जिला लेखा पदाधिकारी के पद पर होने के बाद इन्हें विभाग द्वारा विरमित किया गया है।
- अंशु कुमार: अंचल अधिकारी, गोरौल अंचल (वैशाली)। इनका त्यागपत्र 19 दिसंबर 2025 से प्रभावी होगा।
कार्यालयों में कुव्यवस्था और ‘दलाल राज’ पर सरकार की टेढ़ी नजर
इस्तीफों की स्वीकृति के अलावा, सरकार ने अंचल कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार और कुव्यवस्था पर भी नकेल कसने की तैयारी कर ली है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज ने सभी जिलाधिकारियों को एक कड़ा पत्र लिखकर कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। विभाग का मानना है कि नियमित निरीक्षण के अभाव में अंचल कार्यालयों में दलाल-मुंशी प्रथा ने अपनी जड़ें जमा ली हैं, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है।
इस समस्या से निपटने के लिए अब केवल सीसीटीवी और बायोमेट्रिक प्रणाली पर निर्भर रहने के बजाय सीधे जमीनी स्तर पर औचक निरीक्षण करने का निर्णय लिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस महाअभियान के लिए एक त्रि-सदस्यीय शक्तिशाली जांच टीम का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता संबंधित जिले के अपर समाहर्त्ता (ADM) करेंगे। यह टीम न सिर्फ कार्यालयों की फाइलों की जांच करेगी, बल्कि हर अंचल अधिकारी के कामकाज की भी समीक्षा करेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
पहले चरण में इन 8 जिलों के अंचलों पर गिरेगी गाज
विभाग ने जांच के प्रथम चरण के लिए बिहार के 8 संवेदनशील जिलों और उनके विशेष अंचलों को चिन्हित किया है, जहां सबसे पहले कार्रवाई की जाएगी। इन अंचलों पर जांच टीम की विशेष नजर रहेगी:
- पूर्वी चम्पारण: घोड़ासहन अंचल
- बक्सर: बक्सर सदर
- रोहतास: दिनारा अंचल
- भागलपुर: भागलपुर सदर
- वैशाली: वैशाली सदर
- सारण: एकमा अंचल
- गोपालगंज: गोपालगंज सदर
- सीतामढ़ी: डुमरा अंचल
जांच टीम को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे निरीक्षण के एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी और विभागीय मुख्यालय को सौंपें। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आने वाले समय में राज्य के अन्य सभी अंचलों को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा।


