
Bihar Revenue Department: भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार राजस्व सेवा के 70 अधिकारियों पर बड़ी विभागीय कार्रवाई शुरू की है। इन अधिकारियों में अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी दोनों शामिल हैं। विभागीय समीक्षा के दौरान यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि कई मामलों में जांच प्रक्रिया अभी भी लंबित है।
इस कार्रवाई के तहत, कुल 17 अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इनमें से 11 ऐसे अधिकारी हैं जिन्हें सीधे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था। यह आंकड़ा राज्य में फैले भ्रष्टाचार की गंभीरता को दर्शाता है और सरकार की तरफ से इस पर नकेल कसने की प्रतिबद्धता को उजागर करता है।




भ्रष्टाचार पर मंत्री दिलीप जायसवाल की कड़ी नाराजगी
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने जांच प्रतिवेदनों में हो रही देरी पर अपनी गंभीर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री की इस टिप्पणी के बाद लंबित जांचों को तेजी से पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को स्मार पत्र जारी किया गया है।
मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने जांच प्रतिवेदन में देरी पर गंभीर नाराजगी जताई है।
विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि सभी लंबित मामलों की समीक्षा लगातार की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोषी अधिकारियों पर जल्द से जल्द कार्रवाई हो और पारदर्शिता बनी रहे।
जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी संबंधित इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि वे विभागीय कार्रवाई से जुड़े जांच प्रतिवेदनों को तय समय सीमा के भीतर जमा करें। इस कदम से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि सरकारी कामकाज में भी तेजी आएगी। 70 अधिकारियों पर चल रही यह कार्रवाई अन्य भ्रष्ट अधिकारियों के लिए भी एक कड़ा संदेश है।
सरकार का लक्ष्य है कि बिहार राजस्व सेवा को भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाए, ताकि आम जनता को बिना किसी परेशानी के सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके। यह घटनाक्रम दिखाता है कि राज्य सरकार प्रशासन में शुचिता लाने के लिए लगातार प्रयासरत है और भ्रष्ट तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।







