
Bihar Revenue Department: बिहार में जमीन और राजस्व से जुड़े कामों को लेकर सरकार सख्त हो गई है। अब 25 मई से हर दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के कामकाज की गहन समीक्षा होगी, जिसका जिम्मा खुद राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल संभालेंगे।
बिहार में जमीन और राजस्व विभाग (Bihar Revenue Department) से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 25 मई से 11 जून तक राज्य के सभी जिलों की प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करने का निर्णय लिया है। इस दौरान दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी और राजस्व महाअभियान जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की स्थिति की जांच की जाएगी। लंबित मामलों और सरकारी जमीन से जुड़े कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन प्रयासों से ‘Land Records Bihar’ की स्थिति में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।
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बिहार राजस्व विभाग: किन-किन मामलों की होगी समीक्षा?
विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, समीक्षा बैठकों में इन प्रमुख बिंदुओं पर फोकस रहेगा:
- दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) और परिमार्जन (सुधार) की स्थिति।
- ई-मापी (ऑनलाइन भूमि माप) की प्रगति।
- अभियान बसेरा और राजस्व महाअभियान से जुड़े मामले।
- ऑनलाइन आवेदन और लंबित मामलों की संख्या।
- सरकारी जमीन से जुड़े कार्य और अतिक्रमण के मामले।
- जन शिकायत पोर्टल पर दर्ज शिकायतें और सहयोग शिविरों के आवेदन।
- फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति रिपोर्ट।
राजस्व विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज ने सभी जिलों को इस संबंध में पत्र भेज दिया है। ये समीक्षा बैठकें हर कार्य दिवस में तीन सत्रों में (शाम 4 से 5, 5 से 6 और 6 से 7 बजे तक) चलेंगी। जिलाधिकारी, बंदोबस्त पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचलाधिकारी और राजस्व पदाधिकारियों को इन बैठकों में शामिल रहने का निर्देश दिया गया है।
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इन जिलों से होगी समीक्षा की शुरुआत
- 25 मई को पश्चिम चंपारण, सहरसा और वैशाली जिलों की समीक्षा की जाएगी।
- 26 मई को कटिहार, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज की बारी है।
- 27 मई को सुपौल, रोहतास और पटना जिले के कार्यों की समीक्षा होगी।
- 29 मई को गया, जहानाबाद और औरंगाबाद जिलों के मामलों पर चर्चा की जाएगी।
8054 नए राजस्व कर्मचारियों की भर्ती
राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि विभाग में 8054 राजस्व कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। इन कर्मचारियों की तैनाती हर हल्के में होगी, जिससे जमीन और राजस्व से जुड़े काम समय पर पूरे हो सकें। उन्होंने जानकारी दी कि सामान्य प्रशासन विभाग को भेजे गए प्रस्ताव को अब कर्मचारी चयन आयोग के पास आगे की प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया है। मंत्री का कहना है कि इन नई नियुक्तियों से युवाओं को रोजगार मिलेगा, जमीन विवाद कम होंगे और अदालतों में चल रहे ‘Land Records Bihar’ से संबंधित मामलों की संख्या भी घटेगी। राज्य सरकार का लक्ष्य 2030 तक एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने का है।
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