

Bihar Road Development: सड़कों का जाल बिछाने की रफ्तार अब और तेज होगी। बिहार के हर कोने तक विकास की किरण पहुंचाने के लिए, राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है।
Bihar Road Development: बिहार में बनेगी सड़कों की नई कहानी, 2030 तक 5 नए एक्सप्रेस-वे का निर्माण तय
सड़कों का कायाकल्प और Bihar Road Development का महाअभियान
बिहार पथ निर्माण विभाग ने राज्य की सभी सिंगल लेन सड़कों को चरणबद्ध तरीके से दो लेन में बदलने की घोषणा की है। इसके साथ ही, सात निश्चय-3 योजना के तहत वर्ष 2030 तक पांच नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण की भी तैयारी है। विभाग ने अपने नए वित्तीय वर्ष के बजट में इन महत्वपूर्ण योजनाओं का विस्तृत विवरण दिया है। यह कदम राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विभाग के बजट में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रमुख उपलब्धियों का भी ब्यौरा दिया गया है। इस दौरान पटना के जेपी गंगा पथ का कंगन घाट से दीदारगंज तक का महत्वपूर्ण हिस्सा जनता को समर्पित किया गया। इसके अतिरिक्त, राज्य के पहले डबल डेकर फ्लाईओवर का भी लोकार्पण हुआ, जो गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक को अशोक राजपथ से जोड़ता है। मीठापुर-महुली एलिवेटेड पथ परियोजना के तहत भूपतिपुर से पुनपुन तक का कार्य पूरा कर इसका भी लोकार्पण किया गया। कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल का पटना से राघोपुर अंश भी सफलतापूर्वक पूरा कर उपयोग के लिए खोल दिया गया। यह दर्शाता है कि राज्य में एक्सप्रेस-वे निर्माण और सड़क परियोजनाओं को तेजी से गति मिल रही है।
नई परियोजनाओं को मिली स्वीकृति और पुलों के रख-रखाव की नीति
पिछले एक वर्ष में, पथ निर्माण विभाग ने लगभग 38,732.54 करोड़ रुपये की कुल 266 सड़क और पुल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें दीघा-बिहटा-कोईलवर, मुंगेर-बरियारपुर-घोरघट-सुल्तानगंज और सुल्तानगंज-भागलपुर-सबौर गंगा पथ परियोजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। राज्य में पहली बार ‘हाइब्रिड एन्युटी मॉडल’ पर इन परियोजनाओं को क्रियान्वित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे परियोजनाओं को समय पर और कुशलता से पूरा किया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
राज्य के पुलों के बेहतर रखरखाव के लिए ‘बिहार राज्य पुल प्रबंधन एवं संधारण नीति 2025’ लागू की गई है। इस नीति के तहत, 60 मीटर से अधिक लंबाई वाले 624 पुलों का रखरखाव और प्रबंधन बिहार राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा किया जाएगा। इस नई नीति का क्रियान्वयन ‘ब्रिज मेंटेनेंस बिडिंग डॉक्यूमेंट’ के माध्यम से होगा। वर्तमान में, 250 मीटर से अधिक लंबाई वाले 85 पुलों के स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट के लिए आईआईटी दिल्ली और आईआईटी पटना के साथ सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह पहल राज्य की पुल अवसंरचना की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पथ निर्माण विभाग ने बिहार में चल रहे मेगा सड़क प्रोजेक्ट्स की अद्यतन जानकारी भी अपने बजट में दी है। इसमें दानापुर-बिहटा-कोईलवर, आमस-दरभंगा ग्रीनफील्ड परियोजना और मुंगेर-मिर्जा चौकी फोरलेन सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। पुल क्षेत्र में दिघवारा-शेरपुर के बीच गंगा नदी पर बनने वाले छह लेन पुल और महात्मा गांधी सेतु के समानांतर बनने वाले फोरलेन पुल का भी उल्लेख किया गया है। यह सभी परियोजनाएं बिहार के समग्र विकास को गति देंगी।

