
पटना सड़क परियोजनाएँ: बिहार की सड़कों पर रफ्तार का मीटर तेज हो चला है, जहां विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। शुक्रवार को हुई एक अहम बैठक में भविष्य की रूपरेखा तय हुई, जो राज्य की तरक्की को नई दिशा देगी।
पटना सड़क परियोजनाएँ: राज्यमंत्री ने किया सड़क परियोजनाओं का मूल्यांकन
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा की अध्यक्षता में शुक्रवार को पटना में नेशनल हाइवे (NH) एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से जुड़ी परियोजनाओं की गहन समीक्षा की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुजफ्फरपुर में नवनिर्मित बाईपास के मधौल एवं कांटी में यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जंक्शनों का निर्माण प्राथमिकता से किया जाए। इससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। समीक्षा का मुख्य केंद्र पटना और बिहार में चल रही प्रमुख सड़क परियोजनाएं थीं, विशेषकर पटना रिंग रोड की प्रगति, भूमि अधिग्रहण की चुनौतियां, निर्माण कार्यों की समयसीमा, और प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करना। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बैठक के दौरान आमस-दरभंगा, गलगलिया-बहादुरगंज, मुंगेर-मिर्जा चौकी, रजौली-बख्तियारपुर, पटना रिंग रोड, पटना-गया डोभी, ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर सहित कई अन्य रणनीतिक सड़क परियोजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इन परियोजनाओं का लक्ष्य राज्य में बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करना और विकास को गति देना है।
जाम से मुक्ति की दिशा में बड़ा कदम: पटना रिंग रोड का उत्तरी भाग
विभागीय सचिव श्री पाल ने केंद्रीय राज्यमंत्री को पटना रिंग रोड के उत्तरी भाग के मार्गरेखन के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोनपुर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण के लिए कैबिनेट से स्वीकृति मिल चुकी है। इसके साथ ही, पटना के समीपवर्ती वैशाली और सारण जिलों में उद्योग विकसित करने की दिशा में भी कार्रवाई की जा रही है। इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने पटना रिंग रोड के उत्तरी भाग को दिघवारा से सराय तक के मार्गरेखन के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह निर्णय एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों के लिए सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा देगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
केंद्रीय राज्यमंत्री ने NHAI के अधिकारियों को पटना रिंग रोड के उत्तरी भाग से संबंधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) जल्द-से-जल्द तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। बैठक में प्रस्तावित सोनपुर एयरपोर्ट से जुड़ी सड़क कनेक्टिविटी पर भी विशेष चर्चा हुई। विशेष रूप से SH-74 से पटना-बेतिया मार्ग तक सर्विस रोड के निर्माण के प्रस्ताव पर विचार किया गया, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने और एयरपोर्ट के आसपास के विकास को गति प्रदान करने में सहायक होगा।
समीक्षा बैठक में राज्य के अंतर्गत NH और NHAI द्वारा क्रियान्वित सड़क परियोजनाओं में आ रहे अवरोधों पर भी विचार किया गया। सचिव ने गंडक नदी पर डुमरिया घाट ब्रिज, हाजीपुर-छपरा (NH-19), और आमस-दरभंगा परियोजना पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सोनपुर में बनने वाले पुल का कार्य अगले छह महीने में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दरभंगा-सुपौल के बीच ग्रीनफील्ड मार्गरेखन पर एक नए उच्च पथ का निर्माण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने केंद्रीय राज्यमंत्री से अनुरोध किया है कि राज्य में प्रस्तावित सभी एक्सप्रेसवे को 6 लेन विन्यास की स्वीकृति प्रदान की जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जेपी गंगा पथ के दोनों पहुंच पथों को ट्रांसपोर्ट प्लानर के सहयोग से विकसित करने के निर्देश दिए गए ताकि निर्माणाधीन पुल का अटल पथ, पाटलि पथ, जेपी गंगा पथ एवं दीघा-शेरपुर गंगा पथ के साथ यातायात सुगम हो सके। सचिव ने बताया कि ट्रांसपोर्ट प्लानर के सुझावों के आधार पर जंक्शनों को विकसित किया जाएगा। यह पहल यातायात को सुचारु रूप से संभालने, भीड़ को कम करने और पटना-उत्तर बिहार के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
वैशाली में लगने वाले भारी जाम को देखते हुए समीक्षा बैठक में रामाशीष चौक पर मल्टीलेवल जंक्शन की स्वीकृति देने पर विस्तार से चर्चा की गई। केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने अधिकारियों को मुजफ्फरपुर-पटना और छपरा जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए इस प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का निर्देश दिया।


