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बिहार SC ST Posts: विधानसभा समिति ने मांगा सभी विभागों से एससी-एसटी पदों का ब्योरा, जानें क्या है नया आदेश

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Bihar SC ST Posts: बिहार विधानसभा की एक दमदार समिति ने राज्य में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के पदों और योजनाओं की पड़ताल शुरू कर दी है। सरकार ने सभी विभागों से खाली पदों और भरे हुए पदों का पूरा हिसाब मांगा है। अब भवन निर्माण विभाग भी इस कवायद में जुट गया है, जिसने राज्यभर के अंचलों और प्रमंडलों से जानकारी तलब की है।

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एससी-एसटी पदों की स्थिति पर विशेष फोकस

बिहार विधानसभा की अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति ने राज्य में पदों और योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए एक नई पहल की है। समिति ने पिछले महीने हुई बैठक में भवन निर्माण विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया था कि वह अपने यहां कार्यरत कर्मचारियों और खाली पदों का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराए। इस निर्देश के बाद विभाग ने तेजी दिखाते हुए सभी अधीनस्थ इकाइयों को पत्र जारी कर दिया है। पत्र में स्पष्ट रूप से पूछा गया है कि कुल कितने पद स्वीकृत हैं, उनमें से कितने भरे हुए हैं, और कितने पद अभी खाली हैं। इसके साथ ही, विभाग को संवर्ग और कोटिवार यह बताना होगा कि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के कितने अधिकारी और कर्मचारी सेवा में हैं। यह जानकारी `बिहार SC ST Posts` की मौजूदा तस्वीर साफ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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आवासीय विद्यालयों और मरम्मत कार्यों की भी जानकारी

इस प्रक्रिया में केवल पदों का डेटा ही नहीं लिया जा रहा है, बल्कि विभाग ने जिलों में चल रहे अनुसूचित जाति और जनजाति आवासीय विद्यालयों से जुड़ी जानकारी भी मांगी है। खास तौर पर पिछले पांच वर्षों में बने नए भवनों और कराए गए मरम्मत कार्यों का पूरा विवरण देने को कहा गया है। विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े सभी आंकड़े तय प्रारूप में तैयार करें। जानकारी को श्रेणीवार बांटना अनिवार्य होगा, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग शामिल होंगे। इस कवायद से राज्य में `सरकारी नौकरी` के अवसरों और आरक्षण के नियमों के पालन की तस्वीर भी साफ हो सकेगी।

सभी इकाइयों को यह जानकारी तीन दिन के भीतर ई-मेल या व्हाट्सऐप के जरिए भेजनी होगी। इसके बाद विभाग इन आंकड़ों को एक साथ जोड़ेगा और पूरा प्रतिवेदन बिहार विधानसभा सचिवालय को भेजेगा। इस रिपोर्ट के आधार पर समिति के सामने राज्य में पदों की वास्तविक स्थिति और योजनाओं की प्रगति का अद्यतन विवरण रखा जाएगा।

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