Bihar School Bus Safety: बच्चों की सुरक्षा, जिसे अक्सर हल्के में लिया जाता है, अब बिहार में सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। जब सड़क पर नौनिहालों की जान का सवाल हो, तो कड़े कदम उठाना अनिवार्य हो जाता है।
Bihar School Bus Safety: बिहार में बढ़ी Bihar School Bus Safety की चिंता: स्कूल बसों के लिए नए सख्त नियम
बिहार में Bihar School Bus Safety के लिए जारी हुए सख्त निर्देश
बिहार में स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने कड़े नियम लागू किए हैं। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए सभी स्कूल वाहनों के लिए कई सुरक्षा उपकरणों और तकनीकी आवश्यकताओं को अनिवार्य कर दिया है। ये नियम न केवल स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही तय करेंगे, बल्कि अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षित यात्रा के प्रति आश्वस्त करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
नए नियमों के अनुसार, राज्य में चलने वाली सभी स्कूल बसों और अन्य स्कूल वाहनों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) अनिवार्य रूप से लगाना होगा। इसके साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में बच्चों को तुरंत मदद मिल सके, इसके लिए पैनिक बटन की व्यवस्था भी सभी वाहनों में अनिवार्य कर दी गई है। ओवर-स्पीडिंग से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए स्पीड गवर्नर भी लगाना आवश्यक होगा। इसके अलावा, फर्स्ट-एड किट, अग्निशमन यंत्र जैसे अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण भी बसों में उपलब्ध होने चाहिए। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
परिवहन विभाग की ओर से जारी इन सख्त निर्देशों का पालन नहीं करने वाले स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम राज्य सरकार की बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीरता को दर्शाता है।
जनवरी से चलेगा विशेष जांच अभियान: उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि इन नए नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनवरी माह से पूरे राज्य में एक विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान सभी स्कूल वाहनों की सघन जांच की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन और संबंधित वाहन मालिकों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना और परमिट रद्द करने जैसे प्रावधान शामिल हो सकते हैं। परिवहन विभाग की यह पहल छात्रों की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी स्कूल वाहन बिना जीपीएस, पैनिक बटन और स्पीड गवर्नर के सड़क पर न चले। इन उपायों से न केवल बच्चों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि अभिभावकों को भी अपने बच्चों के स्कूल जाने और आने के दौरान एक निश्चितता और विश्वास मिलेगा। सरकार का यह कदम प्रदेश में सुरक्षित स्कूली परिवहन व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।





