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जनवरी, 5, 2026

School Bus Safety: बिहार में अब बच्चों की स्कूल बसों में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं, जानिए सख्त निर्देश

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School Bus Safety: सड़क पर सरपट दौड़ती बसें महज़ लोहे के डिब्बे नहीं, बल्कि हमारे भविष्य की नींव यानी बच्चों के सपनों का चलता-फिरता आशियाना हैं। इनकी सुरक्षा से ज़रा भी खिलवाड़, अनगिनत उम्मीदों पर पानी फेर सकता है।

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School Bus Safety: बिहार में अब बच्चों की स्कूल बसों में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं, मंत्री ने दिए सख्त निर्देश

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School Bus Safety: लापरवाह स्कूलों पर गिरेगी गाज

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बिहार में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर राज्य सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि बच्चों की अनमोल जान से कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी स्कूल संचालकों को निर्देश दिए हैं कि चाहे छोटा वाहन हो या बड़ी बस, बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले हर वाहन को तय सुरक्षा मानकों का हर हाल में पालन करना होगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

सरकार की यह सख्ती ऐसे समय में आई है जब अक्सर स्कूलों द्वारा बच्चों के परिवहन में लापरवाही की खबरें सामने आती रही हैं। मंत्री ने अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे नियमित रूप से स्कूली वाहनों की जांच करें और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य हमारे नौनिहालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिल सके।

## परिवहन सुरक्षा के सख्त नियम और उनका पालन

परिवहन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, स्कूली बसों में गति नियंत्रक (स्पीड गवर्नर), जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, आपातकालीन द्वार, फर्स्ट एड किट, अग्नि शमन यंत्र और अनुभवी चालक-परिचालक का होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, ओवरलोडिंग पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। मंत्री श्रवण कुमार ने साफ किया है कि इन नियमों की अवहेलना करने वाले स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिकों को बख्शा नहीं जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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अभिभावकों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस दिशा में सरकार का यह हस्तक्षेप अत्यंत आवश्यक था। अब यह देखना होगा कि ये कड़े नियम ज़मीनी स्तर पर कितने प्रभावी ढंग से लागू हो पाते हैं। यह सिर्फ एक आदेश नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति एक बड़ी प्रतिबद्धता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। परिवहन विभाग की टीमों को फील्ड में उतरकर औचक निरीक्षण करने और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने तथा आवश्यक होने पर लाइसेंस रद्द करने के भी अधिकार दिए गए हैं।

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