
Patna News: विकास की राह पर बिहार अब सरपट दौड़ने को तैयार है, जिसकी गवाही वो आंकड़े दे रहे हैं जो सतत विकास लक्ष्यों पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में सामने आए हैं। राज्य ने कई पैमानों पर देश के बड़े-बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
Patna News: जानिए किन क्षेत्रों में बिहार ने गाड़े सफलता के झंडे
पटना में योजना एवं विकास विभाग द्वारा आयोजित सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन हो गया। इस मौके पर विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने कहा कि राज्य के समावेशी, सतत और संतुलित विकास के लिए यह बेहद जरूरी है कि सभी विकास योजनाओं का SDGs के साथ तालमेल हो। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार ने 2017 में ही SDG विजन दस्तावेज तैयार कर लिया था और सभी विभागों के कार्यक्रमों को इसके लक्ष्यों से जोड़ दिया था। योजनाओं की प्रगति पर नजर रखने के लिए राज्य स्तर पर 334 संकेतकों का एक मजबूत ढांचा भी बनाया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

अपर मुख्य सचिव ने आंकड़ों के हवाले से बताया कि बिहार ने SDG संकेतकों पर शानदार प्रगति की है। 162 प्रमुख संकेतकों के विश्लेषण से पता चलता है कि लगभग 72 प्रतिशत में सुधार हुआ है, जो सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दिखाता है। बिहार का SDG स्कोर 2018 में जहां 48 था, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर 57 हो गया है। इन शानदार आंकड़ों के सामने आने के बाद यह Patna News पूरे राज्य के लिए एक बड़ी खुशखबरी बनकर आई है।
- स्वच्छ जल एवं स्वच्छता (SDG-6): इस क्षेत्र में बिहार ने 98 अंक हासिल कर देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
- गरीबी उन्मूलन: राज्य ने लगभग 2.25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकालकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
- आर्थिक विकास: बिहार की जीएसडीपी वृद्धि दर 2024-25 में 13.1 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा है। प्रति व्यक्ति आय में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
महिला सशक्तिकरण में ‘जीविका’ बनी मिसाल
डॉ. विजयलक्ष्मी ने लैंगिक समानता (SDG-5) के क्षेत्र में राज्य की प्रगति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण बिहार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। ‘जीविका’ जैसी योजनाओं ने महिलाओं की जिंदगी बदल दी है। मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के माध्यम से उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की 50 प्रतिशत से अधिक की भागीदारी इसका जीता-जागता प्रमाण है।
सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा महिला श्रम बल भागीदारी दर में आया है। यह 2017-18 के लगभग 4 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 32 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो एक बड़ी छलांग है। इससे महिलाओं की सामाजिक और वित्तीय भागीदारी में भी जबरदस्त सुधार हुआ है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
भविष्य की क्या है योजना?
अपर मुख्य सचिव ने भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अब साक्ष्य-आधारित योजना निर्माण पर और अधिक ध्यान दिया जाएगा। जेंडर बजटिंग को SDGs के साथ जोड़कर नीतियां बनाई जाएंगी ताकि वे और प्रभावी हो सकें। सरकार का विशेष ध्यान महिलाओं और बच्चियों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय और तकनीकी नवाचार के माध्यम से बिहार सतत विकास लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय कार्यशाला से मिले सुझाव बिहार को SDGs हासिल करने में अग्रणी राज्य बनाएंगे।



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