

Bihar Sports Minister: कभी-कभी नियति भी अचंभित कर देती है। मौत सामने से आकर लौट जाए, तो इसे सिर्फ़ चमत्कार ही कहा जा सकता है। ऐसा ही कुछ हुआ बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह के साथ, जो आज एक बड़े हादसे से बाल-बाल बच गईं।
बिहार स्पोर्ट्स मिनिस्टर बाल-बाल बचीं बड़े हादसे से: पटना में हड़कंप
Bihar Sports Minister श्रेयसी सिंह के साथ क्या हुआ?
पटना। बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित सादिकपुर गांव में एक कार्यक्रम के दौरान वे बड़े हादसे का शिकार होते-होते बच गईं। इस घटना ने मौके पर मौजूद सभी लोगों को स्तब्ध कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, मंत्री श्रेयसी सिंह ‘विकसित भारत जी राम जी’ अभियान के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंची थीं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय खिलाड़ियों को सम्मानित करना और उन्हें प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम स्थल पर भारी संख्या में स्थानीय लोग और खिलाड़ी मौजूद थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मंत्री का काफिला जेपी गंगा पथ से दीदारगंज तक तेज़ रफ़्तार से गुज़र रहा था। इसी दौरान सादिकपुर गांव के पास एक अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आया, जब एक वाहन से टक्कर होते-होते बची या कोई तकनीकी खराबी आई, जिससे काफिला डगमगा गया। गनीमत रही कि मंत्री को कोई चोट नहीं आई और वे सुरक्षित रहीं। यह खबर आग की तरह फैल गई और अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
घटना के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभाला और मंत्री को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। बताया जा रहा है कि मंत्री श्रेयसी सिंह पूरी तरह से ठीक हैं और उन्होंने अपने निर्धारित कार्यक्रम को पूरा किया। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय प्रशासन इस मामले की जांच में जुट गया है कि आखिर ऐसी चूक कैसे हुई। मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बढ़ते सड़क हादसे और सुरक्षा के सवाल
बिहार में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। आए दिन ऐसे हादसे सामने आते हैं, जिनमें आम लोग ही नहीं, बल्कि विशिष्ट व्यक्तियों को भी ख़तरा उठाना पड़ता है। प्रशासन को इस दिशा में और अधिक गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है, ताकि सड़कों पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह घटना एक बड़ा सबक है कि सुरक्षा व्यवस्था को कभी हल्के में नहीं लिया जा सकता। उम्मीद है कि इस घटना से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

