

Karnataka Jewellery Heist: अपराध के काले बादल जब देश के किसी भी कोने में गहराते हैं, तो न्याय का सूरज उन्हें भेदने जरूर आता है। कर्नाटक में लाखों की ज्वेलरी हीस्ट को अंजाम देकर बिहार में छिपे दो शातिरों को बिहार एसटीएफ ने दबोचकर यही संदेश दिया है।
बिहार विशेष कार्य बल (STF) ने कर्नाटक पुलिस के साथ मिलकर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कर्नाटक में लाखों की लूटपाट के मामले में फरार चल रहे दो वांछित अपराधियों को बिहार के भागलपुर और दरभंगा जिलों से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से लाखों रुपये की नकदी और बहुमूल्य आभूषण बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई अंतरराज्यीय सहयोग का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करती है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान दरभंगा निवासी हृषिकेश सिंह और भागलपुर निवासी पंकज कुमार उर्फ सतुआ के रूप में हुई है। ये दोनों अपराधी कर्नाटक के मैसूरु जिले के हुंसूर में स्थित एक आभूषण एवं हीरे की दुकान में हुई लूटपाट के मामले में मुख्य रूप से वांछित थे। इस सनसनीखेज लूट की घटना के बाद से ही पुलिस इनकी तलाश में थी।
ज्वेलरी हीस्ट के मास्टरमाइंड पर 16 मामले
बिहार पुलिस ने एक बयान जारी कर बताया कि यह गिरफ्तारियां शुक्रवार को बिहार के दरभंगा और भागलपुर जिलों के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चलाए गए समन्वित छापेमारी अभियान के तहत की गईं। हुंसूर थाने में इन दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत पिछले साल 28 दिसंबर को मामला दर्ज किया गया था। जांच एजेंसियों के सक्रिय होने से अपराधियों की धरपकड़ तेज हुई है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस दल ने आरोपियों के पास से महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए। इसमें सोने की एक अंगूठी, एक सोने की चेन, एक लाख रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल और आभूषणों का एक डिब्बा शामिल है। यह बरामदगी मामले को और पुख्ता बनाती है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी पंकज कुमार के खिलाफ बिहार, झारखंड, कर्नाटक और राजस्थान जैसे चार राज्यों में हत्या के प्रयास, डकैती, लूट और शस्त्र अधिनियम से संबंधित कुल 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह दिखाता है कि यह अपराधी कितना शातिर और खतरनाक है।
अपराधियों का लंबा आपराधिक इतिहास
हृषिकेश सिंह के खिलाफ भी पूर्णिया, नौगछिया और मैसूरु जिले के हुंसूर थाने में हत्या, डकैती, लूट और शस्त्र अधिनियम के आरोपों से जुड़े चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन अपराधियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है, जिससे ये लंबे समय से पुलिस की रडार पर थे। पुलिस ने अब इन सभी आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की गहनता से जांच जारी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। न्यायपालिका में इन मामलों की सुनवाई तेजी से हो, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





