



Bihar Student Allowance Scheme: उम्मीदों की नई उड़ान, बिहार के युवाओं के लिए सरकार का आर्थिक कवच। जीवन की कशमकश में जब उच्च शिक्षा प्राप्त युवा राह भटकने लगते हैं, तब ‘मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना’ एक संजीवनी बनकर सामने आई है।
जीविका दीदियों को सशक्त करने के बाद, अब बिहार सरकार ने प्रदेश के होनहार विद्यार्थियों की ओर भी अपना ध्यान केंद्रित किया है। मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत, उच्च शिक्षा प्राप्त बेरोजगार युवाओं को दो वर्षों तक प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के लिए प्राप्त आवेदनों का सत्यापन कार्य 28 फरवरी तक जारी रहेगा, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जिले के डीआरसीसी (जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र) सिकंदरपुर में विद्यार्थियों के आवेदन का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। निर्धारित आयु वर्ग के अभ्यर्थियों को समय पर अपने दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना अनिवार्य है, तभी वे इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
Bihar Student Allowance Scheme: योजना का मूल उद्देश्य और लाभ
मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना (MNSSBY) बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्राप्त करने की दिशा में आर्थिक संबल प्रदान करना है। यह बेरोजगारी भत्ता बिहार के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने में सहायता कर रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
इस योजना के अंतर्गत, पात्र युवाओं को अधिकतम 24 महीनों तक हर महीने 1000 रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाती है। यह राशि उनके अध्ययन और तैयारी के खर्चों में सहयोग करती है।
योजना की महत्वपूर्ण विशेषताएं
- भत्ता राशि: प्रतिमाह 1000 रुपये।
- अवधि: अधिकतम दो वर्ष (24 माह)।
- अतिरिक्त लाभ: योजना से जुड़े युवाओं को कुशल युवा प्रोग्राम (KYP) के अंतर्गत निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण, हिंदी-अंग्रेजी भाषा संवाद एवं व्यवहार कौशल का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
पात्रता मानदंड और आवश्यक दस्तावेज़
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ निश्चित पात्रता शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ये शर्तें सुनिश्चित करती हैं कि सहायता सही हकदार तक पहुंचे।
- आवेदक बिहार का स्थायी निवासी हो।
- आयु 20 से 25 वर्ष के बीच हो।
- न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं उत्तीर्ण हो।
- कुछ मामलों में स्नातक उत्तीर्ण छात्र भी पात्र हो सकते हैं, बशर्ते वे नियमित पढ़ाई में नामांकित न हों।
- आवेदक बेरोजगार हो तथा किसी अन्य सरकारी भत्ता, छात्रवृत्ति या स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ न ले रहा हो।
आवश्यक दस्तावेज़:
- आधार कार्ड
- 10वीं एवं 12वीं की मार्कशीट/प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक (डीबीटी के लिए)
आवेदन प्रक्रिया और सत्यापन
योजना के लिए आवेदन ‘सात निश्चय’ की आधिकारिक वेबसाइट 7nishchay-yuvaupmission.bihar.gov.in पर ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। ऑनलाइन पंजीकरण के बाद, आवेदक को अपने जिले के डीआरसीसी में जाकर अपने सभी दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन कराना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया योजना की पारदर्शिता और लाभार्थियों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करती है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सरकार का मानना है कि ‘मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना’ जैसी पहल से शिक्षित बेरोजगार युवाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी और वे बेहतर तैयारी के साथ रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे। यह योजना बिहार के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



