
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में जीत के बाद लौटी नीतीश सरकार ने अपना पहला बड़ा कदम चल दिया है. बुधवार को विधानसभा में सरकार ने ऐसा पिटारा खोला, जिसने सबको चौंका दिया. खासकर महिलाओं के लिए एक ऐसी घोषणा की गई है, जो आने वाले समय में राज्य की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर पर गहरा असर डाल सकती है.
बिहार में नई सरकार के गठन के बाद बुधवार को पहला अनुपूरक बजट पेश किया गया. वित्त विभाग का भी कार्यभार संभाल रहे उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने सदन के पटल पर कुल 91 हजार 717 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया. इस बजट के केंद्र में महिला सशक्तिकरण और रोजगार को रखा गया है, जो सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है.
महिलाओं के लिए खुला खजाना
इस भारी-भरकम बजट में सबसे ज्यादा ध्यान महिलाओं पर दिया गया है. नीतीश सरकार ने महिला केंद्रित योजनाओं और उनके रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए खजाना खोल दिया है. बजट में महिलाओं के रोजगार और उनसे जुड़ी योजनाओं के लिए विशेष रूप से 21 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. यह कदम राज्य में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है.
सरकार का मानना है कि इस राशि से महिलाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और वे आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ाएंगी.
बजट की प्रमुख बातें
आइए नजर डालते हैं इस अनुपूरक बजट के कुछ मुख्य बिंदुओं पर:
- कुल बजट राशि: 91 हजार 717 करोड़ रुपये
- पेश करने का दिन: बुधवार
- मुख्य फोकस: महिला सशक्तिकरण और रोजगार
- महिलाओं के लिए आवंटित राशि: 21 हजार करोड़ रुपये
चुनाव के बाद पेश हुए इस पहले अनुपूरक बजट ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार आने वाले वर्षों में महिला केंद्रित विकास पर जोर देगी. अब देखना यह होगा कि इन योजनाओं को जमीन पर कितनी प्रभावी ढंग से उतारा जाता है.




