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फ़रवरी, 16, 2026
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Bihar Teacher Recruitment: बिहार में शिक्षक बनने का सपना अब CTET के सहारे! TET परीक्षा में आया बड़ा फैसला… खत्म… बाय-बाय… टाटा

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Bihar Teacher Recruitment: बिहार में गुरु बनने का मार्ग अब पहले जैसा नहीं रहा, जैसे किसी नदी ने अपना पुराना बहाव बदल लिया हो। लाखों अभ्यर्थियों का सपना अब एक नई कसौटी पर खरा उतरेगा।
Bihar Teacher Recruitment: बिहार में शिक्षक बनने का सपना अब CTET के सहारे! TET परीक्षा को लेकर आया बड़ा फैसला

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बिहार टीचर रिक्रूटमेंट: क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

बिहार के सरकारी विद्यालयों में शिक्षक बनने की आकांक्षा रखने वाले लाखों उम्मीदवारों के लिए शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब राज्य में प्रारंभिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 8) के लिए ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (TET) का आयोजन नहीं किया जाएगा। इस फैसले के बाद, प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों को केवल ‘केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (CTET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।

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शिक्षा विभाग ने इस बड़े कदम के पीछे तर्क दिया है कि केंद्र सरकार द्वारा आयोजित CTET Exam नियमित रूप से हर साल होती है। विभाग का मानना है कि सीटेट उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या इतनी पर्याप्त है कि इससे शिक्षक बहाली की प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा किया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लगभग तीन वर्ष पूर्व भी विभाग ने टीईटी के आयोजन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी, जिसमें तात्कालिक रोक की बात कही गई थी, लेकिन भविष्य की संभावनाएं खुली रखी गई थीं। अब, विभाग ने पूरी तरह से यह तय कर लिया है कि सीटेट से ही योग्य शिक्षक मिल रहे हैं, ऐसे में राज्य स्तर पर अलग से टीईटी आयोजित करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

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राज्य में TET का अब तक का सफर

बिहार में अब तक ‘बिहार विद्यालय परीक्षा समिति’ (BSEB) के माध्यम से केवल दो बार ही टीईटी परीक्षा का आयोजन किया गया है। पहली बार यह परीक्षा वर्ष 2011 में हुई थी, जिसके बाद दूसरी बार इसे वर्ष 2017 में आयोजित किया गया था। इस परीक्षा के तहत दो विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों की पात्रता का मूल्यांकन किया जाता था:

  • **प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5):** छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की योग्यता की जांच।
  • **उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8):** मध्य विद्यालयों के लिए शिक्षकों की पात्रता का निर्धारण।
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अभ्यर्थियों पर क्या होगा असर?

शिक्षा विभाग के इस निर्णय का सबसे सीधा प्रभाव उन अभ्यर्थियों पर पड़ेगा जो विशेष रूप से बिहार टीईटी (BTET) की तैयारी में लगे थे। उन्हें अब अपनी अध्ययन रणनीति में बदलाव लाना होगा और केंद्र सरकार द्वारा आयोजित होने वाली CTET Exam पर अपना ध्यान केंद्रित करना होगा। इस सरकारी फैसले से चयन प्रक्रिया में एकरूपता आएगी और बार-बार परीक्षा आयोजित करने का प्रशासनिक बोझ भी कम होगा। यह भी स्पष्ट हो गया है कि आने वाली शिक्षक बहालियों में केवल वही उम्मीदवार शामिल हो पाएंगे जिन्होंने सीटेट के पेपर-1 (कक्षा 1-5 के लिए) या पेपर-2 (कक्षा 6-8 के लिए) में सफलता प्राप्त की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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