Bihar Teacher Transfer: अपने तबादले का लंबे समय से इंतजार कर रहे बिहार के दिव्यांग शिक्षकों के लिए खुशखबरी है। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की नई तबादला नीति में उन्हें बड़ी राहत प्रदान की है। इस नई व्यवस्था के तहत दिव्यांग शिक्षकों को तीन अलग-अलग कैटेगरी में वरीयता दी जाएगी।
यही नहीं, विभाग ने उन्हें सर्वोच्च वरीयता वाली श्रेणी में भी शामिल किया है। इस श्रेणी में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे अन्य शिक्षक भी शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने तबादले के लिए कुल 14 वर्गों को चार मुख्य कैटेगरी में बांटा है, जिनके लिए 5, 10, 15 और 20 अंक निर्धारित किए गए हैं।






बिहार के दिव्यांग शिक्षकों को बड़ी खबर! अब ट्रांसफर में मिलेगी नंबर 1 प्राथमिकता, सरकार ने बदले नियम
Bihar Disabled Teachers Transfer: बिहार में लंबे समय से अपने तबादले का इंतजार कर रहे दिव्यांग शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के तबादले को लेकर बनी नई नीति में दिव्यांग शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। अब उन्हें तीन अलग-अलग श्रेणियों में तबादले में वरीयता मिलेगी।

शिक्षा विभाग की नई नीति के अनुसार, दिव्यांग शिक्षकों को सर्वोच्च वरीयता वाली कैटेगरी में शामिल किया गया है। उनके साथ गंभीर बीमारियों से ग्रस्त शिक्षक भी इसी श्रेणी में होंगे। विभाग ने तबादले के लिए कुल 14 वर्गों को चार कैटेगरी में बांटा है, जिनके लिए 5, 10, 15 और 20 अंक निर्धारित किए गए हैं।
दिव्यांग शिक्षकों को मिलेगी विशेष वरीयता, जानिए किस श्रेणी में कितने अंक
शिक्षा विभाग के प्रावधानों के तहत, 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले शिक्षकों को पहली कैटेगरी में रखा गया है। इन्हें तबादले में सर्वोच्च वरीयता के 20 अंक प्रदान किए जाएंगे। वहीं, 60 से 79 प्रतिशत दिव्यांगता वाले शिक्षकों को दूसरी कैटेगरी का लाभ मिलेगा, जिन्हें वरीयता में 15 अंक मिलेंगे। जिन शिक्षकों की दिव्यांगता 40 से 59 प्रतिशत के बीच है, उन्हें तीसरी कैटेगरी में शामिल किया गया है और उन्हें 10 अंक मिलेंगे। इसमें दृष्टिबाधिता, अस्थिबाधिता या श्रवणबाधिता जैसे मामले शामिल हैं।
गंभीर बीमारियों से ग्रस्त शिक्षकों को भी 20 अंक
पहली श्रेणी, जिसमें दिव्यांग शिक्षकों को सर्वोच्च वरीयता मिली है, में उनके साथ छह अन्य कोटि के गंभीर बीमार शिक्षक भी शामिल हैं। इन बीमारियों में कैंसर, ओपन हार्ट सर्जरी, एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट का सुधार, अंग प्रत्यारोपण, एकल किडनी, किडनी प्रत्यारोपण, डायलिसिस पर होना, ब्रेन ट्यूमर, प्रमुख न्यूरोसर्जरी, बोन टीबी, अन्य गंभीर टीबी और पक्षाघात शामिल हैं। यदि शिक्षक स्वयं इनमें से किसी बीमारी से ग्रसित हैं, तो उन्हें 20 अंक मिलेंगे। इसके अलावा, यदि पति-पत्नी या 18 वर्ष से कम आयु की आश्रित संतानें इन बीमारियों से पीड़ित हैं, तो प्रति व्यक्ति 10-10 अंक दिए जाएंगे।
बीपीएससी अंकपत्र और पटना विश्वविद्यालय में शिक्षकों का अवकाश
एक अन्य महत्वपूर्ण अपडेट में, बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने एकीकृत 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अभ्यर्थियों के अंकपत्र जारी करने की घोषणा कर दी है। अभ्यर्थी 22 जुलाई से बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर 69वें और 70वें ओटीआर के यूजर नेम और पासवर्ड से लॉगइन करके डैशबोर्ड में उपलब्ध ‘इंटीग्रेटेड 70वीं प्रमाणपत्र’ विकल्प पर क्लिक कर अपने अंकपत्र देख सकेंगे।
वहीं, पटना विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मी मंगलवार को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। यह अवकाश उच्च शिक्षा विधेयक 2026 के विरोध में लिया गया है, जिससे सेमेस्टर की परीक्षाएं और कक्षाएं प्रभावित होंगी। पटना विवि शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. शिव सागर प्रसाद ने बताया कि पटना विवि कर्मचारी संघ का भी इस आंदोलन को समर्थन मिल गया है। सभी शिक्षक और कर्मी सुबह 11 बजे मुख्यालय पर धरना देंगे।
नई तबादला नीति में दिव्यांग शिक्षकों को विशेष वरीयता
शिक्षा विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग शिक्षकों को पहली कैटेगरी में रखा गया है। इन शिक्षकों को सर्वोच्च वरीयता के 20 अंक मिलेंगे। इसी तरह, 60 से 79 प्रतिशत दिव्यांगता वाले शिक्षकों को दूसरी कैटेगरी का लाभ दिया जाएगा, जिसके तहत उन्हें 15 अंक मिलेंगे।
वहीं, 40 से 59 प्रतिशत दिव्यांग शिक्षकों को तीसरी कैटेगरी में शामिल किया गया है, और इन्हें 10 अंक दिए जाएंगे। इस कैटेगरी में दृष्टिबाधित, अस्थिबाधित या श्रवणबाधित शिक्षक शामिल हैं।
गंभीर बीमारियों से जूझ रहे शिक्षकों को भी मिली राहत
दिव्यांग शिक्षकों के साथ-साथ, गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों को भी सर्वोच्च वरीयता वाली पहली श्रेणी में जगह मिली है। इस श्रेणी में कुल सात कोटियां शामिल हैं, जिनमें छह अन्य कोटियां बीमार शिक्षकों की हैं। जिन बीमारियों को इसमें शामिल किया गया है, वे इस प्रकार हैं:
- कैंसर
- ओपन हार्ट सर्जरी
- एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट का सुधार
- अंग प्रत्यारोपण
- एकल किडनी
- किडनी प्रत्यारोपण या डायलिसिस पर होना
- ब्रेन ट्यूमर
- प्रमुख न्यूरोसर्जरी
- बोन टीबी
- अन्य गंभीर टीबी
- पक्षाघात
यदि शिक्षक स्वयं इनमें से किसी बीमारी से ग्रसित हैं, तो उन्हें 20 अंक की वरीयता मिलेगी। इसके अतिरिक्त, यदि उनके पति-पत्नी या 18 वर्ष से कम आयु के आश्रित बच्चे इन बीमारियों से पीड़ित हैं, तो उन्हें प्रत्येक के लिए 10-10 अंक दिए जाएंगे।
बीपीएससी 70वीं के अंकपत्र और पटना विश्वविद्यालय में हड़ताल
दूसरी ओर, बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने एकीकृत 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अभ्यर्थियों के लिए अंकपत्र जारी करने की तिथि घोषित कर दी है। अभ्यर्थी 22 जुलाई से बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर 69वें एवं 70वें ओटीआर के यूजर नेम और पासवर्ड से लॉगइन करके डैशबोर्ड में उपलब्ध ‘इंटीग्रेटेड 70वीं प्रमाणपत्र’ विकल्प पर क्लिक कर अपने अंकपत्र देख सकेंगे।
इधर, पटना विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी मंगलवार को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। उच्च शिक्षा विधेयक 2026 के विरोध में पटना विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने बीएन कॉलेज में आयोजित बैठक में यह घोषणा की है। संघ के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. शिव सागर प्रसाद ने बताया कि पटना विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ का भी इस विरोध प्रदर्शन को समर्थन प्राप्त है। सभी शिक्षक और कर्मचारी सुबह 11 बजे मुख्यालय पर धरना देंगे।
शिक्षा विभाग की यह नई तबादला नीति दिव्यांग और गंभीर बीमार शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत है, जिससे उन्हें अपनी स्वास्थ्य स्थितियों और विशेष जरूरतों के अनुरूप पोस्टिंग प्राप्त करने में मदद मिलेगी। यह कदम शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाने और उन्हें बेहतर कार्य वातावरण प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।









