



Bihar Teacher News: शिक्षा के गलियारों में एक नई सुबह का आगाज़ हुआ है, जहां गुरु अब सिर्फ ज्ञान की ज्योति जलाएंगे, कागजी उलझनों में नहीं उलझेंगे। बिहार सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से शिक्षकों की सालों पुरानी मांग पूरी हुई है, जिसका सीधा असर राज्य की शैक्षिक तस्वीर पर पड़ेगा।
बिहार टीचर न्यूज़: अब सिर्फ पढ़ाएंगे बिहार के शिक्षक, कागजी कामों से मिली ‘आज़ादी’!
बिहार सरकार ने राज्य के शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों के बोझ से मुक्ति दिलाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब शिक्षक सिर्फ अपने मूल काम, यानी बच्चों को पढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। यह निर्णय शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और शिक्षकों को अनावश्यक दबाव से मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बिहार टीचर न्यूज़: गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, बदलेगी शिक्षण की तस्वीर
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधानसभा में संकल्प प्रस्तावों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि अब शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक गतिविधियों में नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का पूरा ध्यान अब पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने पर है, ताकि शिक्षक केवल बच्चों के भविष्य संवारने पर ध्यान केंद्रित कर सकें। सरकार का यह कदम राज्य में शिक्षा गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस फैसले से उन 5500 शिक्षकों को भी राहत मिली है, जिन्हें तीन महीने का बकाया वेतन जल्द ही मिल जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शिक्षकों को वेतन संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और वे पूरी लगन से शिक्षण कार्य कर पाएंगे।
शिक्षकों की भूमिका में बड़ा बदलाव
राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद बिहार में शिक्षकों की भूमिका में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। अब उन्हें जनगणना, चुनाव ड्यूटी (विशेष परिस्थितियों को छोड़कर) या अन्य प्रशासनिक कार्यों में नहीं लगाया जाएगा। यह कदम शिक्षकों के समय और ऊर्जा को पूरी तरह से शिक्षण कार्यों में लगाने में मदद करेगा। शिक्षकों के लिए अब एकमात्र लक्ष्य शिक्षा गुणवत्ता में सुधार और बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाना होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
यह पहल न केवल शिक्षकों को सम्मानजनक कार्य वातावरण प्रदान करेगी बल्कि छात्रों को भी बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। सरकार की मंशा साफ है कि बिहार में शिक्षा के स्तर को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाया जाए और इसके लिए शिक्षकों को हर संभव सुविधा और समर्थन प्रदान किया जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

