



Panchayati Raj Training: बिहार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बात जमीनी स्तर पर सुशासन की हो, तो उसका कोई सानी नहीं। प्रदेश ने प्रशिक्षण के मामले में ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने बड़े-बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।
Panchayati Raj Training में बिहार का बजा डंका, महाराष्ट्र-आंध्र प्रदेश को पछाड़कर बना देश का नंबर वन राज्य
वित्तीय वर्ष 2024-25 में पंचायती राज विभाग, बिहार ने पुनर्रचित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत कुल 4,35,896 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देकर एक नया इतिहास रच दिया है। यह आंकड़ा देश में सर्वाधिक है, जिसने बिहार को इस क्षेत्र में सिरमौर बना दिया है। इस व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्य (LSDG) के 9 विषयों से लेकर ई-ग्राम स्वराज और ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया।
Panchayati Raj Training में बिहार ने कैसे हासिल किया शीर्ष स्थान?
बिहार की इस शानदार उपलब्धि के पीछे एक सुनियोजित रणनीति है। विभाग ने न केवल ग्राम पंचायत, बल्कि प्रखंड और जिला स्तर पर भी विकास योजनाओं (BPDP, ZPDP) के निर्माण पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, पंचायत ई-ग्राम कचहरी जैसे प्रासंगिक विषयों पर भी प्रतिभागियों को गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस पूरी कवायद का उद्देश्य त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं और ग्राम कचहरियों के प्रतिनिधियों एवं कर्मियों की क्षमता का विकास करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह सफलता राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन का परिणाम है। राज्य सरकार बदलते समय के साथ प्रशासन की नई प्रणालियों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में प्रतिनिधियों को राज्य के अंदर और बाहर स्थित प्रतिष्ठित संस्थानों में भी प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
पारदर्शी और उत्तरदायी शासन विभाग का मुख्य लक्ष्य
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “जन केंद्रित तकनीक आधारित प्रशासन प्रणाली अपनाते हुए राज्य में पारदर्शी, समावेशी एवं उत्तरदायी पंचायती राज संस्थाओं का निर्माण विभाग का लक्ष्य है। इस दिशा में विभाग तेजी से कार्य कर रहा है।” उनका यह बयान स्पष्ट करता है कि सरकार की मंशा सिर्फ प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था का निर्माण करना है जो जनता के प्रति जवाबदेह हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
प्रशिक्षण में शीर्ष पांच राज्यों का प्रदर्शन
बिहार ने न केवल पहला स्थान हासिल किया, बल्कि अन्य राज्यों के मुकाबले एक बड़ी बढ़त भी बनाई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रशिक्षण पाने वाले प्रतिभागियों की संख्या इस प्रकार है:
- बिहार – 4,35,896
- महाराष्ट्र – 3,63,111
- आंध्र प्रदेश – 3,25,643
- कर्नाटक – 3,21,380
- ओडिशा – 2,79,505
यह आंकड़े बिहार के संगठित प्रयास को दर्शाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






