
Tribal Welfare: बिहार में अनुसूचित जाति और जनजाति के उत्थान के लिए सरकार ने एक बड़ी पहल की है। राज्य के SC-ST कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने विभाग की कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अब 18 मई से ‘जनजातीय गरिमा उत्सव’ के तहत एक विशेष जनभागीदारी अभियान शुरू होगा।
इस उत्सव के तहत 18 मई से 25 मई तक सभी अनुसूचित जाति और जनजाति टोलों में ‘जनभागीदारी अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से हेल्थ कैंप लगाए जाएंगे, सड़कों, भवनों, आंगनवाड़ी केंद्रों जैसी मूलभूत सुविधाओं और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने गुरुवार को जिला कल्याण पदाधिकारियों (DWO) के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक में ये बातें कहीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह अभियान Tribal Welfare के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मंत्री ने विभागीय कार्यालय में हुई इस बैठक में आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों, प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों (PETC), अत्याचार निवारण अधिनियम (PoAA) और बिहार महादलित विकास मिशन (BMVM) के अंतर्गत संचालित सभी कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, क्रियान्वयन और चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की। बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
Tribal Welfare: शिक्षा और योजनाओं पर विशेष जोर
मंत्री ने आवासीय विद्यालयों में बच्चों की कम उपस्थिति पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसी महीने एक विशेष अभियान चलाकर 100 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति समेत अन्य कल्याणकारी योजनाओं की राशि सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में पहुंचाने की प्रक्रिया में भी तेजी लाने को कहा गया। दूरदराज के जिलों से आने वाले छात्रों को राहत देने के लिए उन्हें उनके गृह जिले के आस-पास ही दाखिला दिलाने का निर्देश दिया गया है। इसकी समीक्षा मुख्यालय स्तर पर महीने में दो बार की जाएगी।इन स्कूलों में 2000 से अधिक शिक्षक पद खाली हैं, जिन्हें जल्द भरने की कवायद शुरू करने के निर्देश भी मंत्री ने दिए। उन्होंने छात्रावासों में बेहतर शिक्षा, सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा। प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों पर अभ्यर्थियों को तैयारी में कोई समस्या न हो, इसके लिए प्रोफेसरों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु आगाह किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा
विभागीय मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (PoAA) के तहत जिन मामलों का निपटारा अब तक नहीं हो पाया है, उन्हें जल्द से जल्द निपटाया जाए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें








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