
Bihar Urban Development: अक्सर विकास की राह में नियमों का जंजाल भारी पड़ता है, पर अब बिहार में शहरवासियों के लिए नया सवेरा आने वाला है। एक जुलाई से शहरी निकायों से जुड़ी सभी सेवाएँ ऑनलाइन होंगी, जिससे जीवन की रफ़्तार तेज होगी और लालफीताशाही से मुक्ति मिलेगी।
Bihar Urban Development: सुनियोजित विकास की ओर बढ़ता कदम
बिहार के शहरी निकायों में सुनियोजित विकास से संबंधित सभी ऑनलाइन नागरिक सेवाएँ एक जुलाई से ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। इसके लिए एक उन्नत सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को बिना किसी परेशानी के विभिन्न सुविधाओं तक पहुँच प्रदान करना है।
नगर विकास एवं आवास विभाग भवन नियमावली में संशोधन की तैयारी कर रहा है ताकि इसे और अधिक व्यावहारिक और जन-अनुकूल बनाया जा सके। नियमों के मामूली उल्लंघन पर अब जेल भेजने या भारी-भरकम जुर्माना लगाने की बजाय सिविल दंड जैसे प्रावधान लागू किए जाएंगे। यह कदम नागरिकों का जीवन आसान बनाने के लिए उठाया गया है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे शहरी विकास को एक नई दिशा मिलेगी।
इस महत्वपूर्ण निर्णय से पहले, संबंधित पक्षों जैसे बिल्डर एसोसिएशन, आर्किटेक्ट एसोसिएशन, उद्यमी और विभिन्न निकायों के प्रतिनिधियों से सुझाव लिए जाएंगे। नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने रविवार को तारामंडल सभागार में शहरों के सुनियोजित विकास पर आयोजित एक कार्यशाला में यह जानकारी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इससे शहरीकरण को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
प्रधान सचिव ने बताया कि प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है और नियमों में छूट देने के लिए नई नीति तैयार की जा रही है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे नए इलाकों का सुनियोजित विकास संभव होगा और ऑनलाइन नागरिक सेवाएँ और सुगम होंगी। वर्तमान में राज्य में शहरीकरण की दर 15.6 फीसदी है, जिसे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यशाला का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किया। इसमें बिल्डर एसोसिएशन, आर्किटेक्ट एसोसिएशन, उद्यमी और विभिन्न शहरी निकायों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
शहरीकरण को मिलेगा नया आयाम
इस अवसर पर प्रधान सचिव ने बताया कि बिहार टाउन प्लानिंग नीति 2025 पहले ही लागू की जा चुकी है और सुनियोजित विकास के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण नीतियाँ भी बनाई जा रही हैं। विभाग अन्य राज्यों में लागू नियमावली का भी गहन अध्ययन कर रहा है ताकि सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाया जा सके। उन्होंने कहा कि शहरों के समग्र विकास के लिए ज़ोनल डेवलपमेंट प्लान भी लागू किए जाएंगे। सरकार से अनुमति लेने की सारी प्रक्रिया सरल बनाई जाएगी, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यानी सुनियोजित विकास से संबंधित सेवाएँ जैसे कि नक्शा स्वीकृति और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) आदि की प्रक्रिया अगले छह महीनों के भीतर पूरी तरह से ऑनलाइन हो जाएगी। नगर विकास विभाग का लक्ष्य इसे एक जुलाई से प्रभावी करना है।
कार्यशाला में पटना की मेयर सीता साहू, विभाग सचिव संदीप कुमार पुडकलकट्टी, बुडको के एमडी अनिमेष पराशर और राजीव श्रीवास्तव सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



