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Bihar News: बिहार का वीरपुर बनेगा देश का नया फ्लाइंग ट्रेनिंग हब, बदल जाएगी राज्य की पहचान!

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फ्लाइंग ट्रेनिंग हब: क्या बिहार अब सिर्फ इंजीनियरिंग कोचिंग के लिए नहीं, बल्कि आसमान में उड़ने के सपने पूरे करने के लिए भी जाना जाएगा? जी हां, सुपौल का वीरपुर क्षेत्र जल्द ही देश का नया विमानन प्रशिक्षण केंद्र बनने वाला है, जिससे बिहार को एक नई पहचान मिलेगी। बिहार सरकार और भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन एयरो क्लब ऑफ इंडिया (ACI) के बीच हुए एक अहम समझौते (MoU) ने इस दिशा में बड़ी उम्मीद जगाई है।

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समझौता और वीरपुर हवाई अड्डे का निरीक्षण

इस बड़ी पहल को जमीन पर उतारने के लिए एयरो क्लब ऑफ इंडिया की 6 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने वीरपुर हवाई अड्डे का गहन निरीक्षण किया। टीम में महासचिव अरविंद बडोनी सहित विमानन और एयर स्पोर्ट्स से जुड़े कई विशेषज्ञ शामिल थे। उन्होंने हवाई अड्डे की मौजूदा स्थिति, भविष्य की संभावनाओं और विकास के लिए आवश्यक सभी पहलुओं का बारीकी से जायजा लिया। इस निरीक्षण का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि वीरपुर जल्द ही एक अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य कर सके।

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कोटा की तर्ज पर बिहार में फ्लाइंग ट्रेनिंग हब

एसीआई के महासचिव अरविंद बडोनी ने बताया कि इस योजना के तहत बिहार को विमानन प्रशिक्षण का एक प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। उनकी परिकल्पना है कि यह केंद्र ठीक उसी तरह देशभर में प्रसिद्ध होगा, जैसे इंजीनियरिंग कोचिंग के लिए राजस्थान का कोटा शहर विख्यात है। इस दूरगामी पहल से न केवल देश के कोने-कोने से छात्र और प्रशिक्षु बिहार आएंगे, बल्कि यह राज्य में बड़े निवेशकों को भी आकर्षित करेगा। राज्य सरकार की यह पहल बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण फ्लाइंग ट्रेनिंग हब के रूप में स्थापित करेगी। इसका सीधा लाभ राज्य के विकास और रोजगार के अवसरों को मिलेगा।

एडवेंचर स्पोर्ट्स और सीमावर्ती क्षेत्र को लाभ

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत केवल पायलट प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि विभिन्न एयर स्पोर्ट्स और एडवेंचर गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इनमें पावर्ड फ्लाइंग, ग्लाइडिंग, बैलूनिंग, स्काईडाइविंग, पैराग्लाइडिंग और पैरासेलिंग जैसे रोमांचक खेल शामिल हैं। इन गतिविधियों से पर्यटन को एक नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

विशेषज्ञों का मानना है कि वीरपुर हवाई अड्डे के विकसित होने से इंडो-नेपाल बॉर्डर क्षेत्र को भी अभूतपूर्व लाभ मिलेगा। नेपाल के विराटनगर में पहले से ही अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आते हैं, ऐसे में वीरपुर भी पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों का केंद्र बन सकता है। एयरो क्लब ऑफ इंडिया (ACI) की स्थापना 1927 में हुई थी और इसे राष्ट्रीय हवाई खेल दिशा निर्देश 2023 के तहत ‘नेशनल एयर स्पोर्ट्स कंट्रोल ऑफ इंडिया’ का दर्जा प्राप्त है, जो देश में विमानन प्रशिक्षण और एयर स्पोर्ट्स के संचालन को नियंत्रित करती है।

यह पहल बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगी और राज्य को विमानन क्षेत्र में एक अग्रणी पहचान दिलाएगी। स्थानीय प्रशासन भी इस योजना को लेकर बेहद उत्साहित है और इसे जल्द से जल्द साकार करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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