Bihar Vidhan Parishad Election: विधान परिषद चुनाव में पूरी ताकत से उतरने का दावा करने वाली जन सुराज पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है। बिहार विधान परिषद चुनाव की रणभेड़ी बजने के साथ ही जन सुराज के एक घोषित उम्मीदवार ने पार्टी को संकट में डाल दिया है। तिरहुत शिक्षक सीट से जन सुराज के प्रत्याशी बनाए गए भूषण कुमार झा ने टिकट मिलने के ठीक एक दिन बाद ही इसे लौटा दिया है। इसके साथ ही उन्होंने जन सुराज के कर्ताधर्ता प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
भूषण कुमार झा ने टिकट लौटाने के साथ ही निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। यह घटना जन सुराज के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है, खासकर तब जब पार्टी ने विधान परिषद की 8 सीटों पर जोर-शोर से चुनाव लड़ने का दावा किया था। इस घटनाक्रम के बाद, जन सुराज ने तुरंत तिरहुत शिक्षक सीट पर अपने नए उम्मीदवार की घोषणा कर दी है।

प्रशांत किशोर की सभा में क्या हुआ?
भूषण कुमार झा ने एक प्रेस बयान जारी कर चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, शुक्रवार को माड़ीपुर के एक होटल में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की तरफ से एक सभा आयोजित की गई थी। इस बैठक में भूषण कुमार झा को तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी के रूप में आमंत्रित किया गया था।
भूषण कुमार झा ने आरोप लगाया, ‘मुझे अपना विचार रखने के लिए कहा गया तो मैंने बोलना शुरू किया। बैठक में मौजूद कुछ शिक्षक साथी मेरा भाषण रिकॉर्ड करने लगे। जन सुराज के कार्यकर्ताओं ने शिक्षकों को ऐसा करने से रोक दिया। कहा गया कि बैठक में आप वही बोलें जिसे प्रशांत किशोर ने कहा है।’
भूषण झा ने इस व्यवहार को आपत्तिजनक बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना से उनके साथ आए शिक्षक असहज महसूस करने लगे थे।
स्वतंत्र लड़ने की सलाह, जन सुराज ने बदला प्रत्याशी
बैठक के बाद भूषण कुमार झा ने कई शिक्षक साथियों से राय ली। उनका कहना है कि सभी शिक्षकों ने उन्हें स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की सलाह दी।
भूषण कुमार झा ने कहा, ‘मैंने शिक्षक साथियों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए निर्णय लिया है कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव मैं स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में लड़ूंगा।’
इस घटनाक्रम के बाद जन सुराज ने तेजी से कदम उठाए हैं। पार्टी ने तिरहुत शिक्षक सीट पर श्यामनंदन यादव को अपना नया प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के साथ उनकी तस्वीर भी जारी की गई है। जन सुराज ने तिरहुत स्नातक सीट पर डॉ. वी. मोहन को मौका दिया है। बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 28 अक्टूबर को चुनाव परिणामों की घोषणा की जाएगी।
जन सुराज की चुनावी रणनीति पर सवाल
यह घटना जन सुराज पार्टी की चुनावी तैयारियों और आंतरिक समन्वय पर सवाल खड़े करती है। एक उम्मीदवार का टिकट लौटाना और सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना, चुनाव से ठीक पहले पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है। प्रशांत किशोर के नेतृत्व में जन सुराज बिहार में एक मजबूत विकल्प बनने का प्रयास कर रही है, लेकिन ऐसे विवाद पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अब देखना होगा कि इस घटना का आगामी विधान परिषद चुनाव में जन सुराज के प्रदर्शन पर क्या असर पड़ता है।

