
Bihar Weather Alert: बिहार में गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा था, लेकिन अब मौसम विभाग ने राहत के साथ-साथ बड़ी आफत की चेतावनी भी जारी की है. अगले तीन से चार दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है, जिसके लिए IMD ने येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों के बीच, अब बादलों ने अपना डेरा डाल लिया है और मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों तक इसके विकराल रूप धारण करने की आशंका जताई है. बिहार के आसमान में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश आपका रास्ता रोक सकती हैं.
बदलता मौसम और तात्कालिक राहत
पिछले रविवार शाम से ही बिहार के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, बांका और जमुई जैसे इलाकों में तेज हवाएं चलीं और बादल छाए रहे. कई जगहों पर हल्की बारिश और आंधी-तूफान भी देखने को मिला, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली. इस बदलाव के कारण तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई. IMD के अनुसार, आज पूरे बिहार में तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना है. हवाओं की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. सभी 38 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
गंभीर चेतावनी: 12 जिलों में Bihar Weather Alert का ऑरेंज अलर्ट
8 अप्रैल को मौसम का प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है. उत्तर बिहार के 12 जिलों में ओलावृष्टि की गंभीर संभावना है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
- पश्चिम चंपारण
- पूर्वी चंपारण
- सीतामढ़ी
- शिवहर
- मुजफ्फरपुर
- मधुबनी
- दरभंगा
- समस्तीपुर
- सुपौल
- अररिया
- किशनगंज
- पूर्णिया
इन जिलों में न केवल भारी बारिश होगी, बल्कि बड़े आकार के ओले गिरने की भी संभावना है. वहीं 9 अप्रैल को भी अधिकांश जिलों में बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. ठनका (वज्रपात) का खतरा इतना अधिक है कि प्रशासन ने लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है. देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
मौसम बिगड़ने का वैज्ञानिक कारण
अचानक आई इस तबाही भरी राहत के पीछे का वैज्ञानिक कारण ‘पश्चिमी विक्षोभ’ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठने वाली हवाओं ने बिहार के वायुमंडल में पर्याप्त अस्थिरता पैदा कर दी है. चक्रवात के सक्रिय होने से नमी और गर्मी का जो मेल हुआ है, उसी का परिणाम यह आंधी-बारिश और ओले गिरने का है. हालांकि इससे गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं, क्योंकि फसलें खराब होने का डर सता रहा है. आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







