Bihar Weather: सर्दी ने एक बार फिर अपनी चादर फैला दी है, मानो प्रकृति ने कुछ दिनों की मोहलत के बाद फिर अपना बर्फीला मिजाज दिखा दिया हो।
बिहार वेदर: ठंड का फिर ‘रौद्र रूप’, अगले सात दिन तक नहीं मिलेगी राहत
बिहार वेदर अपडेट: अगले सात दिन का पूर्वानुमान
दो दिनों की हल्की राहत के बाद बिहार में ठंड ने अपना रौद्र रूप फिर से दिखा दिया है। शनिवार को पश्चिमी हवाओं की तेज रफ्तार और लगातार गिरते तापमान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले सात दिनों तक ठंड से कोई खास राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। घना कोहरा, शीतलहर और सर्द हवाएं आम लोगों की परेशानी को और बढ़ाएंगी, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बाजारों में हीटर और गीजर की मांग में अचानक तेजी आ गई है।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है। पछुआ हवाएं अपने साथ बर्फीली ठंड लेकर आ रही हैं, जिससे न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाया रहेगा, जिससे दृश्यता (visibility) काफी कम हो जाएगी और यातायात प्रभावित हो सकता है।
राज्य के कई जिलों में दिन के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन में भी लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास हो रहा है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को इस शीत लहर से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
बढ़ती ठंड और जनजीवन पर असर
बढ़ती ठंड का असर न सिर्फ लोगों की सेहत पर दिख रहा है, बल्कि दैनिक कामकाज और व्यापार पर भी इसका प्रभाव साफ नजर आ रहा है। सुबह के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और शाम ढलते ही बाजारों में चहल-पहल कम हो जाती है। गर्म कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है। चाय की दुकानों और अलाव के पास लोग इकट्ठा होकर सर्दी से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। डॉक्टरों ने भी लोगों को गर्म कपड़े पहनने, ताजा और गर्म भोजन करने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। यह जानकारी आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
किसानों को भी इस ठंड के कारण अपनी फसलों की चिंता सता रही है। आलू, सरसों और अन्य रबी फसलों पर पाले का खतरा मंडरा रहा है, जिससे उन्हें सिंचाई और अन्य उपायों पर ध्यान देना पड़ रहा है। सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी ठंड से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था शामिल है। इस पूरे हफ्ते पारा और नीचे जाने की संभावना है, जिससे ठंड का प्रकोप और बढ़ेगा।





