
Bihar Weather: बिहार के उत्तरी भागों में अगले कुछ दिनों तक मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा, समस्तीपुर की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा द्वारा जारी नए पूर्वानुमान के अनुसार, जहां एक ओर कई जिलों को लू की चपेट में आने की आशंका है, वहीं मधुबनी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यह मौसम पूर्वानुमान 20 से 24 जून तक के लिए प्रभावी रहेगा, जिसमें किसानों के लिए भी विशेष सलाह दी गई है।
अगले पांच दिन कैसा रहेगा उत्तर बिहार का मौसम?
डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा, समस्तीपुर के कृषि मौसम विभाग जलवायु परिवर्तन पर उच्च अध्ययन केंद्र द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, आगामी 20 से 24 जून के दौरान उत्तर बिहार के अधिकांश हिस्सों में गर्म और शुष्क मौसम रहने की संभावना है। हालांकि, 23 और 24 जून को एक-दो स्थानों पर 4 से 6 मिलीमीटर हल्की वर्षा हो सकती है। इन सबके बीच, मधुबनी जिले में 24 जून को लगभग 65 से 70 मिलीमीटर भारी वर्षा होने का अनुमान है।




अधिकतम तापमान अधिकांश जिलों में 35 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि सारण, गोपालगंज और पूर्वी चंपारण जैसे कुछ जिलों में पारा 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे लू की स्थिति बन सकती है। न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
लू का कहर और मधुबनी में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने 21 से 23 जून के दौरान बेगूसराय, सारण, सिवान, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण के कई स्थानों पर लू (हीट वेव) की स्थिति बनने की चेतावनी जारी की है।
इसके विपरीत, दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सीतामढ़ी और वैशाली जिलों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 65 से 70 प्रतिशत और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 25 से 30 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हवा मुख्यतः पूर्वी दिशा से 7 से 12 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चल सकती है। पूर्वानुमान अवधि के दौरान आकाश में हल्के बादल बने रहने की संभावना है।
कमजोर मानसून के बीच किसानों के लिए अहम कृषि सलाह
वर्तमान में मानसून की कमजोर स्थिति को देखते हुए, किसानों को कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी गई है:
- ऊँची जमीनों में धान की खेती न करें।
- जिन किसानों के पास सिंचाई की पर्याप्त सुविधा है, वे मध्यम अवधि वाली धान की किस्में जैसे राजेंद्र नीलम, राजेंद्र भगवती, राजेंद्र सरस्वती एवं राजेंद्र श्वेता का बिचड़ा बीजस्थली में गिरा सकते हैं। बीजस्थली में पर्याप्त नमी बनाए रखने तथा पौधों को सूखने से बचाने के लिए आवश्यकतानुसार जीवनरक्षक सिंचाई करें।
- वर्तमान कमजोर मानसूनी परिस्थितियों को देखते हुए, विशेषकर ऊँचास जमीन में धान के बदले वैकल्पिक फसलों की खेती पर विचार करना अधिक उपयुक्त होगा।
- किसानों को भिंडी, ककड़ी, खीरा, नेनुआ, करेला एवं लौकी जैसी खरीफ (बरसाती) सब्जियों की बुआई करने की सलाह दी जाती है।
- सब्जी की फसलों में खरपतवार नियंत्रण हेतु नियमित निराई-गुड़ाई करें, जिससे फसलों की वृद्धि एवं विकास बेहतर हो सके।
- फसलों में पत्ती खाने वाली सूंडियों एवं फल छेदक कीटों का प्रकोप दिखाई देने पर साफ मौसम में डाइमेथोएट 30 ई.सी. का 1-1.5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करें।
- आवश्यकतानुसार 5-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तथा खेत में उचित जल निकास की व्यवस्था बनाए रखें।
- खरीफ मक्का की बुआई करते रहें। उत्तर बिहार के लिए शक्तिमान-2, शक्तिमान-5, शक्तिमान-7 एवं राजेंद्र शंकर मक्का-3 किस्मों की बुआई करें।
- हल्दी की बुआई जारी रखें। राजेंद्र सोनिया एवं राजेंद्र सोनाली किस्मों की बुआई करें तथा बीज प्रकंदों को डाइथेन एम-45 एवं बाविस्टिन से उपचारित करें।
- खरीफ प्याज की नर्सरी तैयार करें। एग्री फाउंड डार्क रेड (ADR), एन-63, भीमा शुगर एवं अर्का कल्याण किस्मों के बीजों की व्यवस्था करें।
- लीची की फल तुड़ाई के बाद बगीचों में आवश्यक छंटाई (प्रूनिंग) कर लें, जिससे पेड़ों के भीतर पर्याप्त धूप एवं हवा का संचार हो सके। साथ ही, बगीचे में गिरे हुए पत्तों, सूखी शाखाओं एवं अन्य पौध अवशेषों को एकत्र कर हटा दें। इससे कीट एवं रोगों के प्रकोप में कमी आएगी तथा पेड़ों की स्वस्थ वृद्धि एवं विकास को बढ़ावा मिलेगा।
- दुधारू पशुओं को तापीय तनाव से बचाने हेतु छायादार एवं हवादार स्थानों पर रखें तथा उन्हें पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ एवं ताजा पेयजल उपलब्ध कराएँ। दुधारू पशुओं को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखने के लिए पशु चिकित्सक की सलाह अनुसार आवश्यक टीकाकरण एवं निवारक उपाय अवश्य करें।
- वर्तमान गर्म एवं शुष्क मौसम को देखते हुए किसानों को सलाह दी जाती है कि रबी मक्का एवं गरमा मूंग की कटी हुई उपज को भंडारण से पूर्व अच्छी तरह सुखा लें तथा उसे सुरक्षित एवं सूखे स्थान पर रखें।
किसानों और आम जनता को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट पर ध्यान दें और आवश्यक सावधानी बरतें। विशेषकर लू से बचाव और भारी बारिश के मद्देनजर जलजमाव की स्थिति से निपटने की तैयारी रखने की अपील की गई है।






