
BPSC TRE 4: बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। बीपीएससी टीआरई 4 परीक्षा में नए बदलावों को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच, सीएम सम्राट चौधरी ने इस मामले पर बड़ा एक्शन लिया है और शिक्षा विभाग की आपात बैठक बुलाई है।
बिहार में BPSC TRE 4 परीक्षा को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन लगातार जारी है। पहले लाठीचार्ज, फिर छात्र नेताओं की गिरफ्तारी के बाद अभ्यर्थियों ने 20 मई को महाआंदोलन की तैयारी की थी। इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंभीरता दिखाते हुए शिक्षा विभाग की एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है।
BPSC TRE 4 को लेकर CM सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग की एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के साथ-साथ शिक्षा विभाग के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहेंगे। यह महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार शाम 5 बजे सचिवालय में आयोजित की जाएगी, जिसमें BPSC TRE 4 परीक्षा के विभिन्न पहलुओं और अभ्यर्थियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
शिक्षक अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
शिक्षक अभ्यर्थियों की नाराजगी का मुख्य कारण आगामी शिक्षक बहाली परीक्षा के पैटर्न में संभावित बदलाव है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) टीआरई 4 परीक्षा को दो चरणों (प्रिलिम्स और मेन्स) में आयोजित करने पर विचार कर रहा है। अभ्यर्थी इस बदलाव से बेहद नाराज हैं और उनकी मुख्य मांग है कि परीक्षा पहले की तरह एक ही चरण में आयोजित की जाए। शुक्रवार की बैठक में इस मुद्दे पर कोई बड़ा फैसला आने की संभावना है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि शिक्षक बहाली प्रक्रिया को सरल रखा जाए, ताकि अनावश्यक देरी और जटिलताओं से बचा जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
तेजस्वी यादव ने सरकार पर बोला हमला
विपक्षी नेता तेजस्वी यादव भी इस मुद्दे पर बिहार सरकार पर लगातार हमलावर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि बिहार के युवा सिर्फ वही मांग कर रहे हैं, जिसका वादा एनडीए नेताओं ने चुनाव के दौरान किया था। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि सरकार ने राज्य में एक करोड़ नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन अब अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का भी इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार पर युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन पर प्रशासनिक दबाव बनाने का आरोप लगाया। तेजस्वी ने यह भी कहा कि यदि सरकार को पुलिस कार्रवाई का उपयोग करना ही है, तो उसका इस्तेमाल अपराध और भ्रष्टाचार रोकने में किया जाना चाहिए, न कि नौकरी मांग रहे युवाओं पर। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







