

Budget 2026: विकास की रेस में जब नारी शक्ति कदम से कदम मिलाती है, तो तरक्की की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। केंद्र सरकार ने इसी भावना को मजबूत करते हुए एक और बड़ी पहल की है। वर्ष 2026-27 के बजट में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए ‘स्वयं सहायता उद्यम मार्ट’ (शी मार्ट) योजना की घोषणा की गई है। यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिसका सबसे बड़ा लाभ बिहार की जीविका दीदियों को मिलने की उम्मीद है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लखपति दीदी कार्यक्रम की शानदार सफलता के बाद, ‘शी मार्ट’ योजना महिला उद्यमियों के लिए एक नई राह खोलेगी। इस पहल के तहत, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने उत्पादों को एक बड़े बाज़ार तक पहुंचा सकेंगी और उन्हें व्यावसायिक पहचान मिलेगी। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Budget 2026 का जीविका दीदियों पर असर
बिहार में जीविका दीदियां पहले से ही विभिन्न उत्पादों और सेवाओं के माध्यम से अपनी पहचान बना चुकी हैं। लखपति दीदी कार्यक्रम के तहत लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। अब ‘शी मार्ट’ योजना उन्हें अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और संभवतः अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रस्तुत करने का मंच प्रदान करेगी। यह उनके आत्मविश्वास और उद्यमिता कौशल को और बढ़ाएगा।
इस योजना से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपने उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि इन दीदियों को केवल उत्पादक नहीं, बल्कि सफल बिजनेस विमेन के रूप में स्थापित किया जाए। यह पहल देश के दूरदराज के इलाकों में भी महिला उद्यमिता को बढ़ावा देगी।
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‘शी मार्ट’ योजना: क्या है खास?
‘शी मार्ट’ योजना का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाना है। इसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के प्लेटफॉर्म शामिल होंगे, जिससे उत्पादों की पहुँच बढ़ेगी। यह ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक बाजार की चुनौतियों का सामना करने और उनसे निपटने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन भी प्रदान करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





