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फ़रवरी, 26, 2026
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Bihar Vidhan Sabha: कैग रिपोर्ट ने खोली नीतीश सरकार की पोल? कृषि से आवास योजना तक, Darbhanga और Samastipur में करोड़ों की गड़बड़ियों का खुलासा!

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Bihar Vidhan Sabha में CAG रिपोर्ट ने खोली सरकार की पोल? कृषि से लेकर आवास योजना तक, करोड़ों की गड़बड़ियों का खुलासा!

Bihar Vidhan Sabha: बिहार के सियासी गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सरकार के अपने ही बही-खातों ने कई योजनाओं की पोल खोलकर रख दी। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी कैग (CAG) की रिपोर्ट ने कृषि से लेकर आवास तक, कई सरकारी योजनाओं और विभागीय कामकाज में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया है, जिससे विपक्ष को सरकार पर हमला करने का एक और मौका मिल गया है।

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वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव द्वारा सदन के पटल पर रखी गई इस रिपोर्ट में कृषि इनपुट सब्सिडी, प्रधानमंत्री आवास योजना, वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने, राजस्व वसूली और शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों को उजागर किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस रिपोर्ट ने कई विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Bihar Vidhan Sabha में पेश रिपोर्ट में क्या है खास?

रिपोर्ट के अनुसार, कृषि इनपुट सब्सिडी के वितरण में भारी अनियमितता देखने को मिली है। कई मामलों में बिना उचित सत्यापन के ही सब्सिडी की राशि जारी कर दी गई। इसी तरह, गरीबों को घर मुहैया कराने वाली महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना भी भ्रष्टाचार से अछूती नहीं रही। कैग ने अपनी जांच में पाया कि समस्तीपुर और दरभंगा जैसे जिलों में आवास निर्माण की जियो-टैगिंग में भी धांधली हुई, जिससे योजना का लाभ सही लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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इसके अलावा, परिवहन विभाग में वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट बताती है कि कई मामलों में बिना उचित जांच के ही प्रमाणपत्र दे दिए गए, जो सड़क सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्व वसूली के मामले में भी विभाग का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा है।

लापता हो गईं राजस्व की फाइलें

मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब यह बात सामने आई कि राजस्व अभिलेखों की महत्वपूर्ण फाइलें ही गायब हैं। इस मामले ने प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी है। इन फाइलों के गायब होने से भूमि विवाद और स्वामित्व से जुड़े मामलों में बड़ी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। यह CAG report वास्तव में सरकार के लिए एक चेतावनी की तरह है।

इस मुद्दे पर राज्य के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने सदन को आश्वस्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है और गायब हुए राजस्व अभिलेखों की गहन जांच की जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों को रिकॉर्ड्स को तत्काल व्यवस्थित और दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अब देखना यह होगा कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद सरकार इन गड़बड़ियों को सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।

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