



तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में एक ऐसी हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। बिहार के शेखपुरा जिले के रहने वाले एक प्रवासी मजदूर गौरव कुमार (24), उनकी पत्नी मीनू (22) और उनके दो साल के मासूम बेटे बिरमानी को निर्ममता से मौत के घाट उतार दिया गया। हत्यारों ने शवों को कई टुकड़ों में काटकर ठिकाने लगाने की कोशिश की, जो इंसानियत को शर्मसार करने वाली है। पुलिस अभी भी मीनू के शव की तलाश में जुटी है, जबकि गौरव और उनके बेटे का शव बरामद किया जा चुका है। इस भयावह घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गौरव कुमार 15 जनवरी, 2026 को अपनी पत्नी और बेटे के साथ रोजगार की तलाश में चेन्नई पहुंचे थे। 25 जनवरी, रविवार की रात गौरव अपने कुछ जान-पहचान वालों के साथ शराब पी रहे थे। इसी दौरान, नशे में धुत आरोपियों ने गौरव की पत्नी मीनू के साथ अश्लील हरकतें और यौन उत्पीड़न करने का प्रयास किया। जब गौरव ने अपनी पत्नी को बचाने की कोशिश की, तो उन पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया गया। इस हमले में गौरव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हत्यारों ने अपने अपराध को छिपाने के लिए मीनू और उनके दो साल के मासूम बेटे बिरमानी को भी मार डाला। वे यहीं नहीं रुके, तीनों की हत्या के बाद शवों को ठिकाने लगाने की एक घिनौनी योजना बनाई गई। 26 जनवरी को गौरव का शव चेन्नई के अड्यार इलाके में एक बोरी में टुकड़ों में कटा हुआ मिला, जिसके बाद पूरे पुलिस महकमे और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने मासूम बिरमानी के शव को भी बरामद कर लिया है। हालांकि, मीनू का शव अभी तक नहीं मिल पाया है। आरोपियों ने बताया है कि उन्होंने महिला के शव को इंदिरा नगर स्टेशन के पास एक बड़े कूड़ेदान में फेंक दिया था। पुलिस अब इस जानकारी के आधार पर मीनू के शव की तलाश में गहन जांच कर रही है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह घटना बिहार के प्रवासी मजदूर परिवारों के लिए एक भयावह चेतावनी है, जो बेहतर जीवन की तलाश में शहरों का रुख करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।



