
Chhapra Girl Case: बिहार में न्याय की आस जब टूटने लगती है, तब सवाल व्यवस्था पर उठते हैं। छपरा में एक मासूम बेटी के साथ हुई बर्बरता ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
Chhapra Girl Case: बेटियों को कलंकित करने वालों को बख्शे नहीं पुलिस – पप्पू यादव
Chhapra Girl Case: पुलिस पर लगे गंभीर आरोप
सारण जिले में एक बेटी के साथ हुई अमानवीय घटना ने राज्य की अंतरात्मा को हिला दिया है। इस संवेदनशील मामले में जहां प्रशासन को दोषियों पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए थी, वहीं सांसद पप्पू यादव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने के बजाय, पीड़िता के चरित्र पर सवाल उठाकर उसके परिजनों को प्रताड़ित कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पप्पू यादव ने साफ शब्दों में कहा है कि यह बेहद शर्मनाक है कि कानून के रखवाले ही न्याय की राह में बाधा बन रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं में पुलिस का पहला काम दोषियों को गिरफ्तार कर कठोर सजा दिलाना होता है, लेकिन यहां उल्टी गंगा बह रही है। पुलिस की यह कार्यप्रणाली न केवल न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी दे रही है।
सांसद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, “क्या हमारी बेटियों को न्याय मांगने का भी अधिकार नहीं है? पुलिस द्वारा पीड़िता पर आरोप लगाना और उसके परिवार को परेशान करना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।” उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जा सके।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पुलिस ने अपना रवैया नहीं बदला और सही दिशा में जांच नहीं की, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। पप्पू यादव ने कहा कि वे इस लड़ाई में पीड़िता और उसके परिवार के साथ खड़े हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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न्याय की मांग और पुलिस की भूमिका
यह घटना बिहार में महिला सुरक्षा और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जनता में यह संदेश जा रहा है कि अपराधियों के बजाय पीड़ितों को ही कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। ऐसे में यह आवश्यक है कि सरकार इस मामले का संज्ञान ले और सुनिश्चित करे कि न्याय की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







