चिराग पासवान: नए साल में सूबे की राजनीति के धुरंधर ने अपने पैतृक क्षेत्र में कदम क्या रखे, मानो उम्मीदों के दीयों ने फिर से अपनी रौशनी बिखेर दी। सर्द मौसम की धुंध छंटने के साथ ही लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने नववर्ष में पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र हाजीपुर का दौरा किया। उनका यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक उपस्थिति नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक विरासत को सहेजने और भविष्य की दिशा तय करने का एक महत्वपूर्ण संकेत था।
नए साल में चिराग पासवान का हाजीपुर दौरा: विरासत और भविष्य की राह
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने हाजीपुर पहुंचते ही सबसे पहले सर्किट हाउस के समीप स्थापित अपने पिता, पद्मभूषण से सम्मानित दिवंगत रामविलास पासवान की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। यह भावुक क्षण था, जहां उन्होंने अपने पिता से आशीर्वाद लिया, जिनकी राजनीतिक विरासत को वे मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं। यह एक ऐसा दृश्य था जिसने हाजीपुर की राजनीति में उनकी गहरी जड़ों और भावनात्मक जुड़ाव को फिर से रेखांकित किया।
सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर जमा हो गए। लेकिन जब चिराग कमल वितरण के लिए आगे बढ़े, तो भीड़ इतनी भारी थी कि धक्का-मुक्की होने लगी और लोग एक-दूसरे से कमल लूटने लगे। परिस्थितियों को देख चिराग पासवान मौके से रफू चक्कर हो गए और केवल कुछ लोगों को ही अपने हाथों से कंबल बाँट पाए। जिन लोगों को कंबल नहीं मिला, उनमें नाराजगी साफ देखी गई। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद स्थानीय भाजपा विधायक अवधेश सिंह को भी नाराज लोगों ने घेर लिया और जमकर खरी-खोटी सुनाई। विधायक ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि यह कार्यक्रम चिराग पासवान का है और हाथ जोड़कर भीड़ को शांत करने की कोशिश की
बढ़ती ठंड और घने कोहरे के बावजूद चिराग पासवान से मिलने आए समर्थकों और आम जनता में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। उन्होंने लोगों से बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं और नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। इन मुलाकातों के दौरान, उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य और कल्याण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया, खासकर ऐसे समय में जब मौसमी बीमारियाँ बढ़ जाती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जिला मीडिया प्रभारी गुड्डु कुमार जायसवाल ने बताया कि चिराग पासवान अपने दौरे के दौरान संसदीय क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर निजी और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। हाजीपुर प्रखंड के अदलपुर में सड़क दुर्घटना में दिवंगत राजन सिंह के पुत्र वैभव राज के परिजनों से मिलकर उन्होंने शोक संवेदना व्यक्त की। भगवानपुर प्रखंड के बराहरूप में सुधीर कुमार सिंह के पिता के निधन पर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। प्रतापटाड़ में राजेंद्र पासवान की धर्मपत्नी के निधन पर भी उन्होंने शोकाकुल परिवार से मिलकर संवेदनाएं प्रकट कीं। इसके बाद लालगंज प्रखंड के रौदी पोखर निवासी और पार्टी के प्रदेश महासचिव प्रभात सिंह के पिता के निधन पर उनके आवास पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की।
इस दौरान, स्थानीय कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ उनकी बैठकें भी हुईं, जहाँ आगामी योजनाओं और क्षेत्र के विकास पर चर्चा की गई। चिराग पासवान का यह दौरा हाजीपुर की राजनीति में उनकी सक्रियता को दर्शाता है, जो आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है।
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जनता के बीच: संदेश और संकल्प
श्री पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि वे हाजीपुर के विकास और यहां की जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार जनहित में कई योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ आम लोगों तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने राज्य सरकार से भी आग्रह किया कि वे जनहित के कार्यों में तेजी लाएं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब राजनीतिक गलियारों में आगामी चुनावों को लेकर सुगबुगाहट तेज हो रही है। चिराग पासवान का अपने संसदीय क्षेत्र में सक्रिय होना राजनीतिक पंडितों के लिए भी एक संकेत है। यह दर्शाता है कि वे न केवल अपनी विरासत को सम्मान दे रहे हैं, बल्कि नए सिरे से जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कुल मिलाकर, चिराग पासवान का यह नववर्ष दौरा हाजीपुर के लोगों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आया। यह उनके पिता की विरासत को आगे बढ़ाने के उनके संकल्प और जनता से सीधे जुड़ने की उनकी इच्छा को प्रदर्शित करता है, जो उन्हें बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण चेहरा बनाए रखता है।


