मोतिहारी न्यूज़: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई भी शारीरिक बाधा आपको रोक नहीं सकती. कुछ ऐसा ही नज़ारा मोतिहारी के एक स्कूल में दिखा, जहां दिव्यांग बच्चों ने अपनी प्रतिभा से ऐसी छाप छोड़ी कि देखने वाले भी दंग रह गए.
विश्व दिव्यांगता दिवस के मौके पर बुधवार को जिले के मध्य विद्यालय लुठाहां में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को सामने लाना और उन्हें एक मंच प्रदान करना था. स्कूल का माहौल पूरी तरह से उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ था, जहां इन बच्चों ने साबित कर दिया कि वे किसी से कम नहीं हैं.
बच्चों ने दिखाई अपनी कला
इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. बच्चों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया. चाहे वो चित्रकला हो, गायन हो या फिर खेलकूद, हर क्षेत्र में बच्चों का प्रदर्शन देखने लायक था. उनकी कला और कौशल ने वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल जीत लिया. यह कार्यक्रम सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि इन बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने का एक जरिया बना.
बच्चों के चेहरों पर खुशी और कुछ कर दिखाने का जज़्बा साफ झलक रहा था. उन्होंने अपनी प्रस्तुतियों से यह संदेश दिया कि अगर उन्हें सही अवसर और माहौल मिले, तो वे भी समाज में बराबरी का योगदान दे सकते हैं.
अधिकारियों ने बढ़ाया बच्चों का हौसला
कार्यक्रम में मौजूद उप विकास आयुक्त (डीडीसी) ने बच्चों के प्रदर्शन की जमकर सराहना की. उन्होंने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि दिव्यांग बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती है. समाज और हम सभी की यह जिम्मेदारी है कि हम इन बच्चों को सही अवसर प्रदान करें ताकि वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें और आत्मनिर्भर बन सकें.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन बच्चों को दया की नहीं, बल्कि सम्मान और समान अवसर की जरूरत है. कार्यक्रम के अंत में विजेता बच्चों को पुरस्कृत किया गया और सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की गई. इस तरह के आयोजन निश्चित रूप से दिव्यांग बच्चों के मनोबल को बढ़ाने और समाज में समावेशिता का संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.





