औरंगाबाद न्यूज़:
सालों से जिस जमीन पर मंदिर और कब्रिस्तान का पेच फंसा था, वो अब तरारी के विकास की गवाह बनने जा रही है. एक आपसी सहमति ने 27 करोड़ की सरकारी परियोजना का रास्ता खोल दिया ہے, जिसके बाद शहर की तस्वीर बदलने की तैयारी शुरू हो गई है.
विवाद सुलझते ही शुरू हुआ काम
बिहार के औरंगाबाद जिले के तरारी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण कार्य लंबे समय से जमीन विवाद के कारण अटका हुआ था. जिस भूमि पर इस प्लांट का निर्माण होना है, उस पर मंदिर और कब्रिस्तान की जमीन का दावा किया जा रहा था, जिससे यह परियोजना अधर में लटकी हुई थी. हालांकि, अब दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बन गई है, जिसके बाद प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए प्लांट का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है.
एक एकड़ में बनेगा आधुनिक STP प्लांट
इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए कुल एक एकड़ भूमि का चयन किया गया है. इस जमीन पर एक व्यापक सुविधा केंद्र का निर्माण किया जाएगा, जिसमें कई आधुनिक इकाइयां शामिल होंगी. इस प्लांट के तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित निर्माण कार्य किए जाएंगे:
- प्रशासनिक भवन (एडमिन बिल्डिंग)
- कचरा भंडारण के लिए स्टोर
- जल शोधन के लिए क्यूरीफाइन यूनिट
इन सभी इकाइयों का निर्माण यह सुनिश्चित करेगा कि प्लांट सुचारू रूप से काम करे और गंदे पानी का प्रभावी ढंग से उपचार किया जा सके.
साफ होकर नहर में जाएगा पानी
इस एसटीपी प्लांट का मुख्य उद्देश्य शहर से निकलने वाले गंदे पानी को एकत्रित कर उसे वैज्ञानिक तरीके से शोधित करना है. उपचार प्रक्रिया पूरी होने के बाद साफ किए गए पानी को पास की नहर में छोड़ा जाएगा. इस योजना से एक तरफ जहां जल प्रदूषण की समस्या से निजात मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ नहर में पानी का स्तर भी बना रहेगा, जिसका लाभ किसानों को सिंचाई के लिए मिल सकता है. यह परियोजना तरारी में स्वच्छता और पर्यावरण सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.




